जयदेव/न्यूज11 भारत
पाकुड़/डेस्क: पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा प्रखंड में पीएम-जनमन योजना के तहत बन रही सड़क के निर्माण में वन भूमि अतिक्रमण और दर्जनों हरे-भरे पेड़ों की कटाई का मामला सामने आने के बाद वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. मामले में भारतीय वन अधिनियम, 1927 के तहत जुर्म प्रतिवेदन संख्या 03/2026 दर्ज करते हुए सड़क निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है.
जानकारी के अनुसार, अमड़ापाड़ा प्रखंड क्षेत्र के पकलो से मोरियो मालपहाड़ी तक 1550 मीटर लंबी सड़क का निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएम-जनमन) के तहत ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल पाकुड़ द्वारा कराया जा रहा था. आरोप है कि निर्माण के शुरुआती चरण में ही बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त किए वन भूमि पर अतिक्रमण किया गया तथा दर्जनों पेड़ों को जड़ सहित उखाड़ दिया गया या काट दिया गया.
मामले की जानकारी मिलने पर अमड़ापाड़ा वन प्रक्षेत्र के प्रधान वनरक्षी ने स्थल निरीक्षण किया. जांच के दौरान पेड़ों के नष्ट होने और विभिन्न प्लॉटों में वन भूमि के अतिक्रमण की पुष्टि हुई. इसके बाद संबंधित संवेदक के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम, 1927 की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया.
पाकुड़ के डीएफओ सौरभ चंद्रा ने बताया कि अमड़ापाड़ा रेंज में सड़क निर्माण के दौरान बिना एनओसी के पेड़ काटने और वन भूमि को नुकसान पहुंचाने की सूचना मिली थी. प्रधान वनरक्षी की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है. उन्होंने बताया कि मामले में विभाग के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता और कनीय अभियंता को भी नोटिस जारी किया गया है.
वहीं ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता ऐतवारी मंडल ने कहा कि "जाने-अनजाने में पेड़ काटे गए हैं." उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण क्षेत्र में कितनी वन भूमि आती है, इसकी स्पष्ट पुष्टि नहीं हो सकी थी क्योंकि निर्माण शुरू होने से पहले वन सीमांकन के चिन्ह मौजूद नहीं थे. उन्होंने कहा कि जब तक विधिवत वन अधिकार समिति का गठन नहीं हो जाता और वन विभाग से नियमानुसार एनओसी प्राप्त नहीं हो जाती, तब तक सड़क निर्माण कार्य पूरी तरह बंद रहेगा.
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