राजन पाण्डेय/न्यूज11 भारत
चैनपुर//डेस्क: अतखा पड़हा बेन्दोरा के तत्वधान में झण्डा बदली सह पड़हा गठन का कार्यक्रम किया गया जिसमें गांव के लोगों ने पारम्परिक रूप से पूरे विधि-विधान से पूजा अर्चना कर सादा झण्डा को स्थापित कर भक्ति भाव से भजन में लीन रहे. अतिथि के रूप में पूर्व राजी कोटवार सुशील उराँव मूली पड़हा देवान चुंइँया कुजूर कोटवार देवेन्द्र लाल उराँव डाड़ा पड़हा उप बेल छोटेलाल भगत सुरेन्द्र उराँव जी हरिहर कुमार एंव अन्य अतिथियों का स्वागत परछाते हुए नागाड़ा मांदर की थाप और नृत्य गीत संगीत करते हुए मंच तक लिया गया.
अतिथियों ने धरती आबा बिरसा मुण्डा, कार्तिक उराँव,भीखराम भगत जी के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हे नमन किए और ग्रामीणों ने अतिथियों के हाथ धोकर बैच प्रदान कर बुके प्रदान कर स्वागत किए.
प्रफुल उराँव ने कार्यक्रम की अध्यक्षता कर मंच का संचालन किया और बचियों ने नृत्य प्रस्तुत किए और ग्रामीणों ने भजन प्रस्तुत किए.
पड़हा प्रेमी सुरेन्द्र उराँव ने कहा कि प्रकृति,पेड़ भी वर्ष में अपने पुराने पतों त्यागती है उसे तरह हमें भी शुद्ध मन और नए मन से शक्ति का प्रतीक मानकर झण्डा को स्थापित कर पूजना चहिए. सामाजिक कार्यकर्ता हरिहर कुमार ने भी समाज को एकजूट रखने की बात कही .
डाड़ा पड़हा गुमला के उपबेल छोटेलाल भगत ने कहा कि कहा कि समाज ने महतो पहान बेगा पईनभरवा भंडारी को उसके काम के लिए उसी जमीन दिया है ताकि वह समाज का काम करे धर्म बदलने वाले व्यक्ति को उस जमीन से बेदखल किया जाएगा.
देवेन्द्र लाल उराँव ने कहा कि उराँव समाज का लिखित ग्रंथ नहीं है गीत कहानी पूजा में हमारा इतिहास छुपा है आज युवाओं को पढ लिखकर राइटर और फाइटर बनने की जरूरत है. देश को इंजीनियर चाहिए साथ ही समाज के लिए इंजीनियर चाहिए.
देवान मूली देवान चुँइया कुजूर ने कहा कि पंचायती राज अधिनियम व 5वीं अनुसूची क्षेत्रों पेसा कानून में पारम्पारिक ग्राम सभा को विशेष अधिकार दिया गया है यह अधिकार हमें अपने परम्परा धर्म संस्कृति आरक्षण भाषा जल जंगल जमीन के संरक्षण और संवर्धन का अधिकार देता है .
पूर्व राजी कोटवार सुशील उराँव ने कहा देश को लोकतंत्र कि सिख देने वाला समुदाय जनजाति समुदाय है राज तंत्र मुगल काल और अंगेजी हकुमत के समय भी अपने गांव समाज के शासन का संचालन जनजाति स्वंय किया करते थे विवादों का निपटारा पड़हा पंच के माध्यम से करते आए हैं. अतखा पड़हा बेन्दोरा का भी गठन किया गया जिसमें बेल देवलाल उराँव देवान उमेश मिंज कोटवार सुशील उराँव आदि का चयन हुआ.
कार्यक्रम में चैनपुर प्रखण्ड के गांव के ढाई सौ से तीन सौ लोग मौजूद थे जिसमें शिवलाल उराँव लशु उराँव सुशील तिर्की देवलाल उराँव करिश्मा उराँव सुनिता उराँव राजेन्द्र नायक राजेन्द्र उराँव सोहानी देवी धरनी देवी सहित अन्य मौजूद थे
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