प्रेम कुमार सिंह/न्यूज 11 भारत
गुमला/डेस्क: एनएच-23 रांची-गुमला मुख्य मार्ग पर भरनो के मिशन चौक के समीप बीते 20 मई को हुई सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल 60 वर्षीय बादल पंडित की इलाज के दौरान शुक्रवार को मौत हो गई. वहीं उनका 7 वर्षीय नाती हेमंत चौबे अब भी रांची स्थित रिम्स में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है. घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिजनों ने बच्चे के इलाज के लिए जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और ग्रामीणों से मदद की अपील की है. जानकारी के अनुसार 20 मई को बादल पंडित अपने 7 वर्षीय नाती हेमंत चौबे के साथ लुना मोपेड से कहीं जा रहे थे. इसी दौरान भरनो मिशन चौक के पास तेज रफ्तार बाइक चालक ने उनकी मोपेड को जोरदार टक्कर मार दी. दुर्घटना इतनी भीषण थी कि दोनों नाना-नाती सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए.
घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को तत्काल भरनो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया,जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने रिम्स रांची रेफर कर दिया था. रिम्स में करीब एक सप्ताह तक दोनों का इलाज चलता रहा, लेकिन शुक्रवार को बादल पंडित ने दम तोड़ दिया. परिजनों का कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है, जिसके कारण वे बेहतर इलाज कराने में असमर्थ रहे. समुचित इलाज नहीं मिलने से वृद्ध की मौत हो गई. वहीं हादसे में घायल 7 वर्षीय हेमंत चौबे की स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है. बच्चे का इलाज रिम्स में चल रहा है और डॉक्टर उसकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.
परिजनों का कहना है कि इलाज में काफी खर्च आ रहा है,जिसे वहन कर पाना उनके लिए मुश्किल हो रहा है. घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल है. ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है. वहीं परिजनों ने जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों एवं सक्षम लोगों से आर्थिक सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यदि समय रहते बच्चे का समुचित इलाज नहीं हुआ, तो उसकी जान बचाना भी मुश्किल हो सकता है.
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