BREAKING: JPSC-2 नियुक्ति घोटाला मामले में ईडी ने ECIR दर्ज की, 60 लोगों को बनाया अभियुक्त

BREAKING: JPSC-2 नियुक्ति घोटाला मामले में ईडी ने ECIR दर्ज की, 60 लोगों को बनाया अभियुक्त

breaking jpsc-2 नियुक्ति घोटाला मामले में ईडी ने ecir दर्ज की 60 लोगों को बनाया अभियुक्त

न्यूज़11 भारत
रांची/डेस्क:
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की दूसरी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा (JPSC-2) में कथित गड़बड़ी को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा कदम उठाया हैं. ईडी ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के लिए ECIR (Enforcement Case Information Report) दर्ज कर ली हैं. ECIR में CBI द्वारा आरोपित सभी 60 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया हैं.

ईडी द्वारा अभियुक्त बनाये गये 60 लोगों में JPSC से जुड़े छह अधिकारियों और गलत तरीके से सफल घोषित होकर अफसर बने 28 तत्कालीन परीक्षार्थियों के नाम शामिल हैं. ईडी ने गलत तरीके से लिखित परीक्षा और इंटरव्यू में नंबर बढ़ाने के आरोप में 25 परीक्षकों के अलावा मैसर्स ग्लोबर इनफॉरमेटिक्स के मैनेजर को भी नामजद अभियुक्त बनाया हैं. ईडी द्वारा अभियुक्त बनाए गए लोगों में JPSC से जुड़े 6 तत्कालीन अधिकारी शामिल हैं. इनमें आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष और सदस्य भी हैं. अभियुक्तों में दिलीप कुमार प्रसाद (तत्कालीन अध्यक्ष), गोपाल प्रसाद (तत्कालीन सदस्य, शांति देवी (तत्कालीन सदस्य), राधा गोविंद नागेश (तत्कालीन सदस्य), एलिस उषा रानी सिंह (परीक्षा नियंत्रक) और अरविंद कुमार सिंह (असिस्टेंट को-ऑर्डिनेट इवैलुएशन) के नाम शामिल हैं. इसके अलावा मैसर्स ग्लोबल इनफॉरमेटिक्स के मैनेजर धीरज कुमार को भी अभियुक्त बनाया गया हैं.

जानकारी के अनुसार, अभियुक्त बनाए गए आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष दिलीप प्रसाद पहले आयोग के सदस्य बनाये गये थे. उसके बाद उन्हें आयोग का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया फिर उन्हें अध्यक्ष बनाया गया. इस तरह वह 29 जनवरी 2002 से 13 अप्रैल 2010 तक आयोग में कार्यरत रहे. इसके अलावा ईडी ने ECIR में गलत तरीके से सफल घोषित होकर जिन अफसर बने 28 तत्कालीन परीक्षार्थियों को अभियुक्त बनाया है, इनमें कई अधिकारी अब राज्य प्रशासनिक सेवा में ADM रैंक तक प्रोन्नत हो चुके है जबकि कुछ DSP के रूप में चयनित होकर IPS कैडर में प्रमोट हो चुके हैं.

बता दें कि, JPSC-2 में गड़बड़ी के आरोपों के बाद पहले सरकार ने ACB जांच का आदेश दिया था लेकिन जांच की रफ्तार से असंतुष्ट होकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई, जिसके बाद अदालत ने CBI जांच का आदेश दिया. हाईकोर्ट के निर्देश पर CBI ने वर्ष 2012 में FIR दर्ज की थी. कानूनी अड़चनों के कारण CBI ने 12 साल बाद, वर्ष 2024 में चार्जशीट दाखिल की. फिलहाल CBI द्वारा आरोपित सभी अभियुक्त जमानत पर हैं.

अफसर बन चुके 28 परीक्षार्थियों के नाम

  1. राधा प्रेम किशोर, DSP  
  2. बिनोद राम, राज्य प्रशासनिक सेवा
  3. हरिशंकर बड़ाइक, राज्य प्रशासनिक सेवा 
  4. हरिहर सिंह मुंडा-DSP 
  5. रवि कुमार कुजूर, DSP
  6. मुकेश कुमार महतो, DSP
  7. कुंदन कुमार सिंह, वित्त सेवा
  8. मौसमी नागेश, वित्त सेवा
  9. कानू राम नाग,  राज्य प्रशासनिक सेवा
  10. प्रकाश कुमार, राज्य प्रशासनिक सेवा
  11. संगीता कुमारी, वित्त सेवा
  12. रजनीश कुमार, राज्य प्रशासनिक सेवा
  13. शिवेंद्र, DSP
  14. संतोष कुमार चौधरी, राज्य प्रशासनिक सेवा
  15. रोहित सिन्हा, राज्य प्रशासनिक सेवा
  16. शैलेश कुमार श्रीवास्तव, वित्त सेवा
  17. अमित कुमार, राज्य प्रशासनिक सेवा
  18. राहुल जी आनंद जी, राज्य प्रशासनिक सेवा
  19. इंद्रजीत सिंह, वित्त सेवा
  20. शिशिर कुमार सिंह, राज्य प्रशासनिक सेवा
  21. राजीव कुमार सिंह, राज्य प्रशासनिक सेवा
  22. राम कृष्ण कुमार, राज्य प्रशासनिक सेवा
  23. प्रमोद राम, राज्य प्रशासनिक सेवा
  24. अरविंद कुमार सिंह, DSP
  25. विकास कुमार पांडेय, DSP
  26. मनोज कुमार, राज्य प्रशासनिक सेवा
  27. सुदामा कुमार, वित्त सेवा
  28. कुमुद कुमार, सहकारिता पदाधिकारी.

JPSC-2 में गड़बड़ी करने वाले परीक्षक

  1. ओंकार नाथ सिंह, प्रोफेसर, BHU 
  2. मुनिंद्र तिवारी, रीडर काशी विद्यापीठ
  3. डॉक्टर सुधीर कुमार शुक्ला, प्रोफेसर, काश विद्यापीठ
  4. अमर नाथ सिंह, डीन, काशी विद्यापीठ
  5. राजेंद्र प्रसाद सिंह, प्रोफेसर ,काशी विद्यापीठ
  6. तुलसी नारायण सिंह मुंडा, सहायक प्राध्यापक, रांची कॉलेज
  7. डॉक्टर ओम प्रकाश सिंह, एसोसियेट प्रोफेसर, कमला नेहरू इंस्टीट्यूट
  8. डॉक्टर योगेंद्र सिंह, रीडर, काशी विद्यापीठ
  9. डॉक्टर मिथिलेश कुमार सिंह, प्रिंसिपल, हिंदू पीजी कॉलेज
  10. डॉक्टर रवि प्रकाश पांडेय, काशी विद्यापीठ
  11. डॉक्टर बिंदेश्वर पांडेय, एसोसियेट प्रोफेसर, काशी विद्यापीठ
  12. डॉक्टर दिवाकर लाल श्रीवास्तव, एसोसियेट प्रोफेसर, काशी विद्यापीठ
  13. डॉक्टर शिव बहादुर सिंह, एसोसियेट प्रोफेसर, DAV कॉलेज बानरस
  14. डॉक्टर सियाराम सिंह यादव, एसोसियेट प्रोफेसर, उदय प्रताप आटोनोमस कॉलेज
  15. रघुवीर सिंह तोमड़, प्रोफेसर काशी विद्यापीठ
  16. डॉक्टर प्रदीप कुमार पांडेय, प्रोफेसर काशी विद्यापीठ
  17. डॉक्टर मधुसूदन मिश्रा, प्रोफेसर काशी विद्यापीठ
  18. डॉक्टर सभाजीत सिंह यादव, एसोसियेट प्रोफेसर काशी विद्यापीठ
  19. डॉक्टर शशि देवी सिंह, प्रोफेसर काशी विद्यापीठ
  20. डॉक्टर अशोक कुमार सिंह, एसोसियेट प्रोफेसर देवेंद्र पीजी कॉलेज
  21. महेंद्र मोहन वर्मा, प्रोफेसर काशी विद्यापीठ
  22. दीना नाथ सिंह, प्रोफेसर DAV पीजी कॉलेज
  23. अलबर्ट टोप्पो, सेवानिवृत DDC( इंटरव्यू बोर्ड के सदस्य)
  24. नंद लाल, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, राजनीति शास्त्र के विभागाध्यक्ष
  25. सोहन राम, सेवानिवृत विशेष सचिव, इंटरव्यू बोर्ड एक्सपर्ट

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