अरुण कुमार यादव/न्यूज11 भारत
गढ़वा/डेस्क: गढ़वा जिले में अवैध खनन, अवैध परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से समाहरणालय स्थित कार्यालय वेश्म में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने की.बैठक में अवैध खनन के विरुद्ध अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की गई तथा आगे की रणनीति पर गहन चर्चा हुई. उपायुक्त ने सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अंचल अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों से उनके क्षेत्रों में अवैध खनन की स्थिति एवं नियंत्रण हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्राप्त की.
उपायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिले में किसी भी परिस्थिति में अवैध खनन स्वीकार्य नहीं होगा. उन्होंने पूर्व में दिए गए निर्देशों के अपेक्षित अनुपालन नहीं होने पर खेद व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को सुधार लाने और अधिक प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि श्री बंशीधरनगर अनुमंडल के धुरकी, बिशनपुर, केतार एवं खरौंधी प्रखंडों में अवैध खनन से जुड़े गंभीर मामले लगातार सामने आते हैं, जो अत्यंत चिंता का विषय है.
इस पर रोक लगाने के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाने और कार्रवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया गया.उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ संयुक्त छापेमारी अभियान, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कदम उठाने के निर्देश दिए. साथ ही नियमित क्षेत्र भ्रमण, निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा कार्रवाई के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया.बैठक के दौरान उपायुक्त ने अवैध खनन एवं परिवहन से जुड़ी सड़क सुरक्षा चिंताओं को भी गंभीरता से उठाया. उन्होंने कहा कि रात्रि में अवैध खनन और परिवहन में लगी गाड़ियों की तेज रफ्तार के कारण दुर्घटनाएं एवं सड़क हादसे बढ़ रहे हैं, जिसकी शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही हैं.
उन्होंने ऐसे मामलों पर कठोर कार्रवाई कर अवैध गतिविधियों को पूरी तरह रोकने के निर्देश दिए, ताकि आम जनता निर्भीक होकर सड़कों पर आवागमन कर सके.इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने कहा कि अवैध खनन एवं परिवहन में संलिप्त वाहनों पर केवल माइनिंग एक्ट के तहत ही नहीं बल्कि मोटर व्हीकल एक्ट के तहत भी व्यापक स्तर पर कार्रवाई की जाए. उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को समन्वय के साथ अभियान चलाने का निर्देश दिया.जिला खनन पदाधिकारी राजेंद्र उरांव ने बैठक में नए नियमों एवं प्रावधानों की जानकारी साझा करते हुए कहा कि संबंधित मामलों में कंपाउंडिंग फाइन की प्रक्रिया अपनाई जाए तथा इनकार करने वालों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाए.
उन्होंने सभी विभागों को म्युचुअल कोऑर्डिनेशन के साथ कार्य करने पर बल दिया.उन्होंने यह भी बताया कि बरसात पूर्व एनजीटी प्रावधानों के तहत अवैध खनन एवं परिवहन पर विशेष निगरानी आवश्यक है, क्योंकि वर्षा प्रारंभ होते ही एनजीटी के नियम प्रभावी हो जाते हैं. ऐसे में समय रहते प्रभावी कार्रवाई अत्यंत जरूरी है.जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन पर पूर्ण रोक लगाने के लिए सतत, कठोर एवं परिणामोन्मुख अभियान आगे भी जारी रहेगा.
बैठक में उपरोक्त के अतरिक्त डीएफओ दक्षिणी ईबी अब्राहम, अपर समाहर्ता विकास कुमार राय, अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा संजय कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी रंका परवेज आलम, जिला परिवहन पदाधिकारी धीरज प्रकाश, पुलिस उपाधीक्षक यशोधरा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि शेष अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया.
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