आशिष शास्त्री/न्यूज11 भारत
सिमडेगा/डेस्क: उपायुक्त सिमडेगा कंचन सिंह ने बांसजोर प्रखंड का व्यापक दौरा कर विभिन्न विकास योजनाओं एवं सरकारी संस्थानों का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों, बिरसा हरित ग्राम योजना, विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य, पंचायत भवन, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत संचालित मछली पालन परियोजना, आयुष्मान आरोग्य मंदिर तथा किसानों द्वारा संचालित उद्यानिकी योजनाओं का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, जनसुविधाओं की गुणवत्ता और लाभुकों को समय पर लाभ सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए.
डीसी सिमडेगा ने सबसे पहले मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र सिहरजोर पहुंची. जहां नन्हे बच्चों ने उपायुक्त सहित उपस्थित अधिकारियों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया. उपायुक्त ने बच्चों को मिलने वाले पोषण आहार, उपस्थिति, शिक्षा एवं स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की. उन्होंने आंगनबाड़ी सेविकाओं को प्रत्येक बच्चे का नियमित हाइट एवं वेट मापन कर उसकी जानकारी पोषण ट्रैकर एप में दर्ज करने का निर्देश दिया. साथ ही कहा कि कुपोषित अथवा गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें समय पर पोषण पुनर्वास केंद्र भेजा जाए तथा पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराकर उनके स्वास्थ्य में सुधार सुनिश्चित किया जाए.
इसके बाद उपायुक्त ने बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत लाभान्वित किसान विल्सन लुगून की आम बागवानी का निरीक्षण किया. वित्तीय वर्ष 2022-23 में स्थापित इस बागवानी में आम के पौधों पर लगे फलों को देखकर उन्होंने संतोष व्यक्त किया. उपायुक्त ने किसान को पौधों की नियमित देखभाल, उन्नत कृषि तकनीकों के उपयोग तथा बेहतर बाजार व्यवस्था से जुड़कर अधिक आय अर्जित करने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि बागवानी आधारित योजनाएं ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बन रही हैं.
आर.सी. मध्य विद्यालय डुमरमुण्डा स्थित मतदान केंद्र संख्या-135 एवं 136 में उपायुक्त ने विशेष गहन पुनरीक्षण के मैपिंगकार्य का निरीक्षण किया. उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों से कार्य की प्रगति की जानकारी ली और मतदाता सूची के अद्यतन कार्य को पूरी पारदर्शिता एवं शुद्धता के साथ समयबद्ध रूप से पूरा करने का निर्देश दिया.
पंचायत भवन तरगा में उपायुक्त ने प्रज्ञा केंद्र, ज्ञान केंद्र तथा झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक के बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट केंद्र का निरीक्षण किया. उन्होंने ग्रामीणों को सरल और गुणवत्तापूर्ण बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने पर बल दिया. इस दौरान पंचायत प्रतिनिधियों ने पेयजल एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं की जानकारी दी. उपायुक्त ने जिला पंचायती राज पदाधिकारी को निर्देश दिया कि 15वें वित्त आयोग की राशि से पेयजल संबंधी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने मुखिया एवं पंचायत सचिव को जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने तथा ग्रामीणों को जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया. साथ ही जलापूर्ति योजनाओं के दीर्घकालिक संचालन के लिए जलकर संग्रहण को आवश्यक बताया.
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बांसजोर के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया. उन्होंने ओपीडी, प्रयोगशाला, ड्रेसिंग रूम, प्रसव कक्ष, सामान्य वार्ड और दवा भंडार का निरीक्षण कर उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की. सिविल सर्जन एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को समय पर जांच, परामर्श और दवा उपलब्ध कराई जाए. चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार रखा जाए. उन्होंने साफ-सफाई, दवा उपलब्धता, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता तथा आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को और मजबूत करने पर बल दिया. गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित एवं सम्मानजनक प्रसव सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रसव कक्ष में एयर कंडीशनर लगाने की आवश्यकता भी बताई. उपायुक्त ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.
भ्रमण के क्रम में उपायुक्त ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत स्थापित बायोफ्लॉक आधारित सात टैंक मछली पालन परियोजना का निरीक्षण किया. उन्होंने लाभुकों को वैज्ञानिक पद्धति से मछली पालन करने, टैंकों की नियमित निगरानी रखने, पानी की गुणवत्ता बनाए रखने तथा संतुलित आहार प्रबंधन अपनाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि मछली पालन ग्रामीण युवाओं और किसानों के लिए रोजगार एवं आय का बेहतर साधन बन सकता है.
इसके अलावा उपायुक्त ने बरडेगा स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर का निरीक्षण कर उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की. वहीं किसान अनुग्रह नारायण द्वारा उद्यान विभाग के सहयोग से की जा रही गुलाब फूल की खेती का भी जायजा लिया. किसान ने बताया कि अब तक लगभग 900 फूलों के पौधों का उत्पादन कर बाजार में बिक्री की जा चुकी है. उपायुक्त ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि पारंपरिक खेती के साथ-साथ फूलों की खेती किसानों के लिए आय का नया और लाभकारी विकल्प बन रही है. उन्होंने उद्यान विभाग को तकनीकी सहयोग एवं मार्गदर्शन निरंतर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.
दौरे के अंत में उपायुक्त ने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर में सुधार, रोजगार के अवसरों का सृजन, बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा किसानों की आय बढ़ाना है. उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को योजनाओं की नियमित निगरानी करने और जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंच सके.
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