प्रेम कुमार सिंह/न्यूज 11 भारत
गुमला/डेस्क: भरनो प्रखंड के रायकेरा गांव निवासी सुखदेव उरांव की पत्नी सरिता उरांव साइबर अपराधियों के झांसे में आकर ठगी का शिकार होते-होते बच गईं. समय रहते सीएससी संचालक की सतर्कता और भरनो पुलिस की त्वरित पहल से महिला के 17 हजार रुपये सुरक्षित बच गए. इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय साइबर अपराधियों की नई-नई ठगी की तरकीबों को उजागर कर दिया है. जानकारी के अनुसार रायकेरा गांव की सरिता उरांव के मोबाइल पर शनिवार की सुबह को 7091294985 और 8809304895 नंबरों से फोन आया.फोन करने वालों ने खुद को सरकारी योजना से जुड़ा बताते हुए कहा कि वर्ष 2021 में पड़े सूखे के कारण प्रभावित किसानों को सरकार की ओर से 1 लाख 95 हजार रुपये का मुआवजा और एक ट्रैक्टर दिया जा रहा है.
ठगों ने महिला को भरोसा दिलाने के लिए यह भी कहा कि कई जिलों में लाभुकों को भुगतान कराया जा चुका है और यदि वह जल्द लाभ लेना चाहती हैं तो उन्हें निर्धारित खाते में 17 हजार रुपये जमा करने होंगे. साइबर अपराधियों की बातों में आकर सरिता उरांव ने बताया कि उनके पति ईंट-भट्ठे में मजदूरी करने बाहर गए हुए हैं. लगातार शनिवार से सोमवार तक फोन आने के कारण वह उनकी बातों पर विश्वास करने लगीं. लाभ मिलने की उम्मीद में उन्होंने इधर-उधर से कर्ज लेकर 17 हजार रुपये की व्यवस्था की और सोमवार को राशि जमा करने के लिए भरनो ब्लॉक चौक स्थित कंचन केशरी के सीएससी सेंटर पहुंच गईं. सीएससी संचालक कंचन केशरी ने जब महिला से पैसे जमा करने का कारण पूछा तो सरिता ने पूरी बात बताई.
मामला सुनते ही कंचन केशरी को संदेह हुआ और उन्होंने महिला को पैसे भेजने से रोक दिया. साथ ही उन्होंने तत्काल इसकी सूचना भरनो थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह को दी. सूचना मिलते ही थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ सीएससी सेंटर पहुंचे और महिला से पूरे मामले की जानकारी ली. पूछताछ के बाद स्पष्ट हो गया कि यह साइबर ठगी का प्रयास था. थाना प्रभारी ने महिला को समझाया कि सरकार की किसी भी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर अग्रिम राशि की मांग नहीं की जाती है. यदि सीएससी संचालक ने समय रहते उन्हें नहीं रोका होता तो वह 17 हजार रुपये गंवा बैठतीं.
मौके पर मौजूद लोगों को भी थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह ने कहा कि साइबर अपराधी आजकल सरकारी योजनाओं, मुआवजा, लॉटरी, नौकरी, बैंक केवाईसी और अन्य लुभावने प्रलोभनों का झांसा देकर लोगों से पैसे ठग रहे हैं. ऐसे किसी भी कॉल, संदेश या लिंक पर बिना सत्यापन के विश्वास नहीं करना चाहिए. किसी भी प्रकार की संदिग्ध जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें. उन्होंने कहा कि लोगों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करने के लिए पंचायत स्तर पर अभियान चलाया जाएगा. इसके तहत सभी मुखियाओं के साथ बैठक कर ग्रामीणों को जागरूक करने की रणनीति बनाई जाएगी.
साथ ही प्रखंड के सभी सीएससी सेंटर और प्रज्ञा केंद्र संचालकों के साथ भी बैठक कर गांव-गांव में साइबर सुरक्षा संबंधी जागरूकता फैलाने का कार्य किया जाएगा. इस घटना में सीएससी संचालक कंचन केशरी की सतर्कता और पुलिस की तत्परता की लोगों ने सराहना की. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर सही सलाह नहीं मिलती तो एक गरीब परिवार साइबर ठगी का शिकार हो जाता.यह घटना आम लोगों के लिए भी सबक है कि किसी भी सरकारी लाभ के नाम पर पैसे मांगने वालों से सावधान रहें और पहले संबंधित विभाग या पुलिस से जानकारी अवश्य लें.
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