पंकज कुमार/न्यूज11 भारत
घाघरा/डेस्क: घाघरा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में 33 वर्ष, 1 माह और 1 दिन की बेदाग, अनुशासित और समर्पित सेवा पूरी करने के बाद सेवानिवृत्त होकर अपने गृह नगर लौटे डीआईजी रविंद्र भगत का रविवार को घाघरा क्षेत्र में जगह-जगह भव्य एवं आत्मीय स्वागत किया गया. टोटो, बड़काडीह, चपका और घाघरा के चांदनी चौक सहित कई स्थानों पर ग्रामीणों, युवाओं और समाज के लोगों ने उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया. ढोल-नगाड़ों और जयघोष के बीच उनका अभिनंदन किया गया.
गृह नगर पहुंचने के बाद डीआईजी रविंद्र भगत ने घाघरा के चांदनी चौक स्थित शहीद देवनारायण भगत की प्रतिमा पर श्रद्धापूर्वक माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया. इस दौरान उन्होंने शहीदों के बलिदान को राष्ट्र की अमूल्य धरोहर बताते हुए युवाओं से देशभक्ति और सेवा की भावना अपनाने का आह्वान किया.
मीडिया से बातचीत करते हुए डीआईजी रविंद्र भगत ने कहा कि “33 वर्षों तक देश की सेवा करना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य रहा. लेकिन आज अपने समाज, गांव और परिवार के बीच जो सम्मान और स्नेह मिल रहा है, वही मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी पूंजी और उपलब्धि है. इसी माटी ने मुझे इस मुकाम तक पहुंचाया है. उन्होंने बताया कि अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने असम, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, जम्मू-कश्मीर सहित नक्सल प्रभावित और अति संवेदनशील क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन किया. इसके अलावा भारत सरकार की ओर से उन्हें पश्चिम अफ्रीका के लाइबेरिया में अंतरराष्ट्रीय शांति मिशन के तहत दो बार विदेश में सेवा देने का अवसर भी मिला, जो उनके करियर का महत्वपूर्ण अनुभव रहा. युवाओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि सपने वही पूरे होते हैं, जिनके लिए ईमानदारी, अनुशासन और निरंतर मेहनत की जाती है. परिस्थितियां चाहे जैसी हों, लक्ष्य के प्रति समर्पण सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है.”
उन्होंने भविष्य में अपने क्षेत्र और समाज के विकास के लिए सक्रिय योगदान देने की इच्छा भी जताई. कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थित कल्याणकारी मानव विकास संस्था के सचिव अनिरुद्ध चौबे, सदर मुखिया योगेंद्र भगत, अनिल भगत, रवि पहान, सुशील असुर, पूर्व प्रमुख कृष्णा लोहरा, अमित ठाकुर, सावित्री उरांव, शाहिद सहित सैकड़ों ग्रामीण, युवा और गणमान्य नागरिक मौजूद थे. पूरे क्षेत्र में डीआईजी रविंद्र भगत के स्वागत को लेकर उत्साह और गौरव का माहौल देखने को मिला.
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