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रांची/डेस्क: 16 साल पुराने अलकतरा घोटाला मामले में कोर्ट का फैसला आ गया है. क्लासिक कोल कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक दिलीप कुमार सिंह को 3 सजा की सजा सुनाई गयी है. साथ ही 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है. मामले में ट्रायल फेस कर रहे आरोपी जूनियर इंजीनियर सुरेश शर्मा साक्ष्य के अभाव में बरी किये गए. सीबीआई की विशेष कोर्ट ने यह फैसला सुनाया. मामले में दिलीप कुमार सिंह, प्रबंध निदेशक पवन कुमार सिंह, जमशेदपुर के तत्कालीन असिस्टेंट इंजीनियर अनिल कुमार वर्मा और जूनियर इंजीनियर सुरेश शर्मा ट्रायल फेस कर रहे थे. ट्रायल के दौरान पवन कुमार सिंह और अनिल कुमार वर्मा की मौत हो चुकी है.
अलकतरा घोटाला का मामला साल 2010 के दौरान चक्रधरपुर-खरसावां 1.506 निर्माण कार्य से जुड़े रोड कंट्रक्शन डिवीजन जमशेदपुर का है. 47 फर्जी बिल के माध्यम से करोड़ो रुपए की निकासी की गया थी. RCD जमशेदपुर के तत्कालीन एक्जीक्यूटिव इंजीनियर विनोद कुमार ने घोटाला का खुलासा किया था. जिन्होंने सूचना CBI को दी थी. जांच में सीबीआई ने आरोपियों की संलिप्तता पाई थी. जिसके बाद सीबीआई ने 16 फरवरी 2010 को मामला दर्ज किया था और जांच पूरी करते हुए 22 अप्रैल 2011 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी. 5 अप्रैल 2018 को कोर्ट ने सभी आरोपियों पर आरोप गठित किया था. मामले की सुनवाई में सीबीआई की ओर से लोक अभियोजक खुशबू जायसवाल ने पक्ष रखा, जिन्होंने कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ बहस की.
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