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रांची/डेस्क: शराब घोटाला मामले में छत्तीसगढ़ उत्पाद विभाग के अधिकारी अरुण पति त्रिपाठी को कोर्ट का झटका मिला है. एसीबी की विशेष कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है. अरुण पति त्रिपाठी ने 16 जुलाई को याचिका दाखिल कर कोर्ट से अग्रिम राहत की गुहार लगाई थी. अरुण पति त्रिपाठी की संलिप्तता झारखंड में हुए शराब घोटाला की जांच में पाई गई है. झारखंड में बनी शराब नीति में अरुणपति त्रिपाठी की भूमिका रही है. उन्होंने तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय सिंह से मिलीभगत कर छत्तीसगढ़ के कई प्लेसमेंट एजेंसियों की झारखंड में इंट्री कराई थी.
अरुण पति त्रिपाठी छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में भी आरोपी है. झारखंड में हुए शराब घोटाला मामले में एसीबी ने अब तक निलंबित IAS विनय चौबे समेत एक दर्जन से अधिक को गिरफ्तार कर जेल भेजा है. हालांकि, सर्वाधिक को जमानत मिल चुका है. 90 दिनों में चार्जशीट दाखिल नहीं होने का आरोपियों को लाभ मिला है. वहीं, कई पर अब भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. दरअसल एसीबी की विशेष कोर्ट से वारंट जारी हो चुका है. गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपियों ने कोर्ट से अग्रिम राहत की गुहार लगाई है.
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