उत्तम विश्वकर्मा/न्यूज़ 11 भारत
राजगंज/डेस्क: राजगंज थाना क्षेत्र के लेदोडीह आदिवासी गांव में मंगलवार को खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला. वर्ष 2021 से धनबाद न्यायालय में विचाराधीन एक मामले में पांच लोगों को निर्दोष करार दिए जाने के बाद गांव में उत्सव जैसा दृश्य रहा.
न्यायालय से बरी किए गए लोगों में अलसा सोरेन, मोसोय मुर्मू, शिव कुमार सोरेन, राजेश सोरेन और मगु सोरेन शामिल हैं. गांव पहुंचते ही बुजुर्गों, युवाओं और महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सभी पांचों का भव्य स्वागत किया.
ग्रामीणों के अनुसार, इन सभी पर झूठे और निराधार आरोप लगाए गए थे. यह मामला जीआर 52/22 के तहत धनबाद स्थित अनामिका अच्छप की अदालत में विचाराधीन था. बुधवार को न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आरोपों को असत्य मानते हुए सभी को निर्दोष घोषित कर दिया.
अलसा सोरेन ने बताया कि वर्ष 2021 में लेदोडीह निवासी ललिता देवी एवं उनके पति प्रेम हेंब्रम द्वारा मारपीट और छेड़खानी से संबंधित आरोप लगाए गए थे, जो न्यायालय में जांच के दौरान गलत पाए गए. उन्होंने कहा कि अधिवक्ता संजय दे (गली कुल्ही, राजगंज) की सशक्त पैरवी के कारण उन्हें न्याय मिल सका.
ग्रामीणों का कहना है कि सभी पांचों व्यक्ति लंबे समय से सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे हैं और गांव के सामूहिक कार्यों में अहम भूमिका निभाते आए हैं. न्यायालय के फैसले से ग्रामीणों में न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है.
रिहाई की खुशी में गांववासियों ने एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाईं और धनबाद न्यायालय के प्रति आभार व्यक्त किया.
इस मौके पर मांझी मनोज मुर्मू, जोग मांझी, दिनेश मरांडी, राजू मरांडी, बिनोद मुर्मू, संतोष मुर्मू, दूधेश्वर मुर्मू, धावाचिता गांव के मंसाराम मुर्मू, विजय मरांडी, देवराज मरांडी, अजय मरांडी, सुंदर मुर्मू, समेंद्र सोरेन के साथ मोहमती देवी, सारथी देवी, फुलमनी देवी सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष उपस्थित थे.