राहुल कुमार/न्यूज11भारत
चंदवा/डेस्क: स्थानीय जिला परिषद बस स्टैंड में संवेदक द्वारा कथित तौर पर गलत तरीके से वसूली किए जाने का मामला सामने आया है. आरोप है कि वसूली कर्मी न केवल बस स्टैंड के अंदर आने वाले वाहनों से, बल्कि बाहरी सवारी वाहनों से भी जबरन पैसे की मांग कर रहे हैं. पैसे नहीं देने पर गाली-गलौज और मारपीट तक की नौबत आ रही है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर पतरातू से बारातियों को लेकर उदयपुर जा रही तीन सवारी गाड़ियां जैसे ही इंदिरा गांधी चौक पहुंचीं, वहां मौजूद वसूली कर्मियों ने उन्हें रोक लिया और राजस्व की मांग की. चालकों द्वारा बाहरी बुकिंग वाहन होने की बात कहकर शुल्क देने से इनकार करने पर एक वसूली कर्मी गाड़ी में सवार हो गया और इंदिरा गांधी चौक से लेकर सीएचसी चंदवा तक वाहन पर लटक कर पहुंच गया.
इसके बाद सीएचसी चंदवा के पास तीनों गाड़ियों को जबरन रुकवाया गया और प्रत्येक वाहन से ₹30-₹30 की वसूली की गई. स्थानीय वाहन चालकों का कहना है कि यह कोई नया मामला नहीं है. आए दिन बाहरी सवारी गाड़ियों और ऑटो से इस तरह की अवैध वसूली की जाती है.
वाहन चालकों ने सवाल उठाया कि यहां बस स्टैंड शुल्क वसूला जा रहा है या फिर टोल टैक्स जैसा व्यवहार किया जा रहा है, यह स्पष्ट नहीं है. उनका यह भी आरोप है कि निर्धारित शुल्क से अधिक राशि प्रतिदिन ऑटो चालकों से ली जाती है.
इस पूरे मामले पर उप विकास आयुक्त ने स्पष्ट किया कि केवल वही वाहन, जो बस स्टैंड परिसर में प्रवेश करते हैं, उनसे ही निर्धारित शुल्क लिया जा सकता है. बाहरी वाहनों से किसी भी प्रकार की वसूली पूरी तरह अवैध है. उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी मिली है और इसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी.
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