नीरज कुमार साहू/न्यूज11 भारत
बसिया/डेस्क: प्रेम, शांति और मानवता के मसीहा प्रभु यीशु के पुनरुत्थान का महापर्व 'ईस्टर' रविवार को बसिया प्रखंड में पूरी गरिमा और उत्साह के साथ मनाया गया. प्रखंड के प्रसिद्ध कोनबीर नवाटोली स्थित संत अन्ना चर्च में इस अवसर पर विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया, जिसमें भक्ति और उल्लास का अनूठा संगम देखने को मिला.
मिस्सा पूजा और धार्मिक अनुष्ठान
उत्सव की शुरुआत सुबह की विशेष प्रार्थना के साथ हुई. मुख्य अनुष्ठान फादर अमृत तिर्की के द्वारा संपन्न कराया गया. उन्होंने पवित्र जल का छिड़काव कर और मोमबत्तियाँ प्रज्वलित कर ईस्टर के पावन संदेश को साझा किया. चर्च में आयोजित मिस्सा पूजा के दौरान पूरा वातावरण 'हल्लेलुया' के गीतों और प्रभु की स्तुति से गुंजायमान हो उठा.
पुनरुत्थान का संदेश: मृत्यु पर जीवन की विजय
श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए फादर अमृत तिर्की ने कहा कि ईस्टर केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत और आशा का प्रतीक है. उन्होंने बताया यह पर्व सिखाता है कि सत्य और प्रेम की कभी हार नहीं होती.
प्रभु यीशु ने अपने पुनरुत्थान से सिद्ध किया कि मृत्यु के बाद भी जीवन है.
हमें अपने जीवन में दीन-दुखियों की सेवा और क्षमाशीलता को अपनाना चाहिए.
ईस्टर के मौके पर चर्च की साज-सज्जा देखते ही बन रही थी. सैकड़ों की संख्या में पहुंचे मिशनरी समाज के लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई.
सफेद वस्त्रों में सजे श्रद्धालु: शांति और पवित्रता के प्रतीक सफेद वस्त्र पहनकर लोग चर्च पहुंचे.
अंत में सभी ने देश और समाज की समृद्धि के लिए सामूहिक रूप से दुआ मांगी.
प्रार्थना सभा के बाद चर्च के बाहर लोगों ने एक-दूसरे को 'हैप्पी ईस्टर' कहकर बधाई दी. इस दौरान न केवल मसीही समाज, बल्कि स्थानीय लोगों ने भी एक-दूसरे के प्रति सम्मान और भाईचारा प्रदर्शित किया. प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे.
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