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रांची/डेस्क: झारखंड के बहुचर्चित उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़े पेपर लीक मामले में जेल में बंद छह आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी हो गयी हैं. मामले की सुनवाई अपर न्याययुक्त योगेश कुमार की अदालत में हुई, जहां दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने सभी आरोपियों को बेल देने से इनकार कर दिया हैं. कोर्ट ने सभी की जमानत याचिका खारिज कर दी. आरोपियों में रंजीत कुमार, गुलाब चन्द, बुलबुल पांडे, आशीष कुमार, विकाश कुमार और योगेश प्रसाद के नाम शामिल हैं. अंतर्राष्ट्रीय पेपर लीक करने और सॉल्वर गिरोह के एजेंट सभी आरोपी हैं.
अंतराज्यीय पेपर लीक और पेपर सॉल्वर गिरोह के एजेंट मामले में 150 से अधिक आरोपी अभ्यर्थियों को जमानत मिल चुकी हैं. इन 166 आरोपियों को तमाड़ के रड़गांव पुलिस ने 11 अप्रैल को गिरफ्तार किया था. अंतराज्यीय पेपर लीक और पेपर सॉल्वर गिरोह सरगना के 5 आरोपी भी इसमे शामिल थे. गिरोह के अतुल वत्स, विकास कुमार, शेर सिंह, आशीष कुमार और योगेश प्रसाद शामिल हैं. गैंग के एजेंटों द्वारा अभ्यर्थियों को प्रश्न और उसके उतर रटाया जा रहा था. तमाड़ के रड़गांव में अभ्यर्थियों को जमा किया गया था.
पुलिस की टीम को 11 अप्रैल की रात सूचना मिली थी कि रड़गांव में एक अर्ध निर्मित स्थान पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का जमावड़ा लगा है, जिसको लेकर विशेष छापेमारी दल ने 11अप्रैल की देर रात धावा बोला, जहां अर्धनिर्मित भवन के बाहर गाड़ियों का जमावड़ा लगा था. भवन के पास जैसे ही छापेमारी दल पहुंची लोग इधर उधर भागने लगे लेकिन कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 166 को धर दबोचा था. जिसके बाद पुलिस ने कई और आरोपियों को अपनी गिरफ्त में लिया था. मामले में तमाड़ थाना में कांड संख्या 21/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई हैं.
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