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रांची/डेस्क: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक बार फिर हेमंत सरकार को आड़े हाथों लिया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा कि JSSC-CGL परीक्षा में हुए पेपर लीक और सीटों की खरीद-फरोख्त को छुपाने के लिए मुख्यमंत्री Hemant Soren और उनके भ्रष्ट अधिकारियों ने हर संभव हथकंडा अपनाया. लेकिन अब अदालत में उनकी करतूतें उजागर हो रही हैं.
मुख्यमंत्री द्वारा बिना किसी ठोस जांच के आयोग को क्लीन चिट देना इस पूरे षड्यंत्र की ओर इशारा: बाबूलाल मरांडी
बाबूलाल मरांडी ने आगे कहा कि सरकार द्वारा आधी रात को इंटरनेट बंद करना, लाखों रुपये के लेन-देन के सबूत मिलना और मुख्यमंत्री द्वारा बिना किसी ठोस जांच के आयोग को क्लीन चिट देना इस पूरे षड्यंत्र की ओर इशारा करता है. पेपर लीक का सीधा संबंध मुख्यमंत्री के करीबी लोगों से लेकर नेपाल तक सक्रिय दलालों से जुड़ा हुआ है.
सीआईडी जांच के नाम पर सिर्फ लीपापोती की जा रही: बाबूलाल मरांडी
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सीआईडी जांच के नाम पर सिर्फ लीपापोती की जा रही है और न्यायालय को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है. यह पहले से जगज़ाहिर है कि आजकल सीआईडी कैसा और क्या काम करती है? लेकिन अब तो हाईकोर्ट नें भी मुहर लगा दी है कि सीआईडी का काम ठीक नहीं है. छात्रों को न्याय दिलाने के लिए सीबीआई जांच ही अंतिम विकल्प है. साजिशकर्ता चाहे कितने भी ताक़तवर क्यों न हों, उनके पापों का हिसाब होगा. छात्रों का संघर्ष जरूर सफल होगा.
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