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बगोदर/डेस्कः- बगोदर के घाघरा साइंस कॉलेज में बुधवार को आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम गौ सेवा आश्रम सह पंचगव्य अनुसंधान केन्द्र, गिरिडीह एवं महाविद्यालय के वनस्पति शास्त्र विभाग और IQAC के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ.
कार्यक्रम को प्रमुख रूप से संबोधित करते हुए बगोदर के पूर्व विधायक श्री विनोद कुमार सिंह ने कहा कि झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अधिकांश वनस्पतियों में औषधीय गुण विद्यमान हैं. आवश्यकता है कि हम उनकी पहचान कर उनका वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उपयोग करें, ताकि स्वास्थ्य के साथ-साथ आजीविका को भी सशक्त बनाया जा सके.
इसके पश्चात बगोदर प्रखंड की प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) निशा कुमारी ने अपने संबोधन में कहा कि इस क्षेत्र के किसान अश्वगंधा जैसी औषधीय फसलों का उत्पादन कर स्वयं इसके लाभ प्राप्त कर सकते हैं और बाजार में बिक्री कर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि इससे किसानों को इसके गुण-दोषों की लगभग 70 प्रतिशत तक व्यवहारिक जानकारी भी मिलेगी.
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. मधुकर कुमार (कृषि वैज्ञानिक) ने अश्वगंधा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि “जिस पौधे में अश्व के समान गंध होती है, वही अश्वगंधा कहलाता है.” उन्होंने कहा कि अश्वगंधा का उपयोग कई रोगों के उपचार में किया जाता है और इसकी खेती किसानों के लिए स्वास्थ्य व आर्थिक लाभ का सशक्त माध्यम बन सकती है.
कार्यक्रम के दौरान क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें
- प्रथम – अंजली कुमारी,
- द्वितीय – प्रीति कुमारी,
- तृतीय – सत्यम कुमार को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया.
इस अवसर पर महाविद्यालय के सचिव श्री अशोक यादव, पूर्व विधायक श्री विनोद सिंह, घाघरा साइंस इंटर कॉलेज के पूर्व प्राचार्य श्री बुद्धदेव यादव, संस्था सचिव प्रो. रीतलाल प्रसाद वर्मा, अखिलेश कुमार (जनसेवक, डुमरी), प्रभारी प्राचार्य डॉ. सुबीर कुमार खवास, नेक-कोऑर्डिनेटर प्रो. प्रेम कुमार सहित महाविद्यालय के अनेक प्राध्यापक, शोधकर्ता एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे.