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रांची/डेस्क: शराब घोटाला मामले में एक बड़ा मोड़ आया है. जांच एजेंसी ACB ने अदालत में याचिका दायर कर आरोपी विनय सिंह की जमानत रद्द करने की मांग की है, यह आरोप लगाते हुए कि उन्होंने जमानत पर रहने के दौरान न केवल सबूतों से छेड़छाड़ की बल्कि मामले से जुड़े लोगों को प्रभावित करने की भी कोशिश की. ACB की याचिका के अनुसार, नेक्सजेन मोटर से जब्त किए गए कंप्यूटर की फॉरेंसिक जांच में यह पुष्टि हुई है कि महत्वपूर्ण डेटा पहले ही डिलीट कर दिया गया था. एजेंसी का कहना है कि यह कार्रवाई उस अवधि में हुई जब विनय सिंह को पूछताछ के लिए समन भेजा गया था.
जमानत रद्द करने के लिए दायर आवेदन में ACB ने अदालत से अनुरोध किया है कि इस प्रकार की छेड़छाड़ निष्पक्ष जांच को प्रभावित कर सकती है, इसलिए आरोपी को राहत नहीं मिलनी चाहिए. गौरतलब है कि विनय सिंह वर्तमान में वन भूमि घोटाला और कंपनी हड़पने व धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में जेल में बंद हैं. उन्हें अक्टूबर महीने में वन भूमि घोटाला केस में गिरफ्तार किया गया था. इससे पहले शराब घोटाला मामले में भूमिका की जांच के लिए ACB ने उन्हें समन भेजा था, लेकिन उन्होंने अदालत का रुख कर अंतरिम राहत हासिल कर ली थी.
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