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लोहरदगा/डेस्क: बच्चा चोर की अफवाहों के बीच एक निर्दोष महिला की जान पर बन आई, लेकिन ककरगढ़ पंचायत की मुखिया चिमनी उरांव की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया. अफवाहों के दौर में यह मुखिया की पहल समाज के लिए बड़ा संदेश है कि कानून हाथ में लेने के बजाय संयम और समझदारी ही सही रास्ता है. गौरतलब है कि रविवार की रात करीब साढ़े सात बजे कुडू प्रखंड के लापुर गांव में एक अज्ञात महिला प्लास्टिक और कचरा चुनते देखी गई.
शक के आधार पर कुछ ग्रामीणों ने उसे बच्चा चोर समझ लिया. देखते ही देखते पंडरी, मदरसा, बलसोकरा सहित आसपास के गांवों से सैकड़ों लोग जुट गए और महिला को पकड़ लिया. माहौल उग्र हो चुका था और किसी भी अनहोनी की आशंका बढ़ गई थी. इसी बीच सूचना मिलते ही मुखिया चिमनी उरांव मौके पर पहुंचीं. उन्होंने समझदार ग्रामीणों की मदद से महिला को भीड़ के चंगुल से छुड़ाया और अपने घर में सुरक्षित शरण दी.
हालांकि तब तक सैकड़ों लोग मुखिया के घर के बाहर जमा हो चुके थे और महिला को सौंपने की मांग कर रहे थे. मुखिया ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत कुडू पुलिस को सूचना दी. पुलिस पहुंची और महिला को अपने कब्जे में लेकर कुडू थाना लाई. प्रथम दृष्टया महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत हो रही है और वह अपना नाम-पता भी स्पष्ट नहीं बता पा रही है. मुखिया की सतर्कता और साहसिक पहल ने एक निर्दोष महिला की जान बचा ली.
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