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बुंडू/डेस्क: आदिवासी समाज के अगुवा सह पड़हा राजा सोमा मुंडा की निर्मम हत्या के विरोध में तथा आरोपियों को फांसी देने की मांग को लेकर पांच परगना आदिवासी समाज (जनजाति) बुंडू के नेतृत्व में शुक्रवार की संध्या बुंडू में मशाल जुलूस निकाला गया. इस दौरान प्रशासन से अपना रवैया सुधारने, कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने तथा अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने की मांग की गई.
मशाल जुलूस के साथ-साथ बाइक रैली भी निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए. जुलूस के दौरान शनिवार को झारखंड बंद के समर्थन में बुंडू बंद का आह्वान किया गया. जुलूस बुंडू के विभिन्न चौक-चौराहों से होकर गुजरा, जहां लोगों से बंद को सफल बनाने की अपील की गई.
मौके पर आदिवासी नेता प्रदीप मुंडा ने कहा कि सोमा मुंडा की हत्या ने यह साबित कर दिया है कि खूंटी में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है. अपराधी बेखौफ हैं और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है. उन्होंने कहा कि जब तक दोषियों को फांसी की सजा नहीं दी जाती, तब तक आदिवासी समाज चुप नहीं बैठेगा.
आदिवासी नेता पुरन चंद्र सिंह मुंडा ने कहा कि यह हत्या आदिवासी समाज को डराने की साजिश है, जिसे किसी भी सूरत में सफल नहीं होने दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि प्रशासन यदि निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई नहीं करता है तो आदिवासी समाज बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होगा.
वहीं पांच परगना आदिवासी समाज (जनजाति) बुंडू के अध्यक्ष गिरीश चंद्र मुंडा ने कहा कि यह आंदोलन केवल एक व्यक्ति की हत्या के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समाज की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा हुआ है. उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
आदिवासी छात्र नेता सुरेन्द्र लोहरा ने कहा कि आज का युवा आदिवासी समाज अन्याय के खिलाफ सड़क पर उतर चुका है. उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन को आदिवासी युवाओं की आवाज को गंभीरता से लेना होगा, अन्यथा आने वाले दिनों में आंदोलन और व्यापक रूप लेगा. इस मौके पर आदिवासी समाज के कई अगुवा, सामाजिक कार्यकर्ता तथा आदिवासी छात्रावास के बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे और आंदोलन को अपना समर्थन दिया.
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