ब्योमकेश मिश्रा/न्यूज़11 भारत
चंदनकियारी/डेस्क: चंदनकियारी मुख्यालय में प्रशासनिक लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. कड़कड़ाती ठंड के बीच एक असहाय वृद्धा अपने घर के अंदर करीब 24 घंटे तक अचेत पड़ी रही, जिसकी भनक किसी को नहीं लगी. रविवार की शाम ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर वृद्धा को अचेत अवस्था में बाहर निकाला और तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अचेत पड़ी महिला चंदनकियारी मुख्यालय पंचायत के भूतपूर्व मुखिया स्व. पंचानन ओझा की पत्नी 80 वर्षीया मनुबाला देवी हैं. निसंतान होने के कारण वे अकेले ही अपने घर में रहती हैं. शनिवार की शाम लगभग छह बजे हमेशा की तरह उन्होंने घर का दरवाजा बंद कर विश्राम किया. लेकिन रविवार दोपहर तक जब दरवाजा नहीं खुला तो ग्रामीणों को अनहोनी की आशंका हुई.
इसकी सूचना तत्काल चंदनकियारी थाना पुलिस और संबंधित मुखिया को दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर घर के अंदर प्रवेश किया. अंदर फर्श पर मनुबाला देवी बेहोश और अचेत अवस्था में पड़ी मिलीं. उन्हें तुरंत इलाज के लिए सीएचसी चंदनकियारी भेजा गया. अस्पताल सूत्रों के अनुसार वृद्धा की हालत गंभीर बनी हुई है.
इस घटना के बाद क्षेत्र में प्रशासनिक संवेदनहीनता को लेकर कड़ी नाराजगी देखी जा रही है. ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की ओर से गरीब एवं जरूरतमंदों के बीच बांटने के लिए हजारों कंबल उपलब्ध कराए गए, लेकिन इसके बावजूद इस असहाय वृद्धा तक एक कंबल भी नहीं पहुंच सका. यह स्थिति स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करती है.
ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन ऐसे जरूरतमंदों की पहचान कर उन्हें तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराए, ताकि ठंड के कारण भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
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