प्रमोद कुमार/न्यूज़11 भारत
बरवाडीह/डेस्क: बरवाडीह प्रखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक दिवसीय स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया गया. स्वास्थ्य मेला का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को एक ही स्थान पर नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच, परामर्श एवं विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना था.कार्यक्रम का शुभारंभ प्रखंड विकास पदाधिकारी रेशमा रेखा मिंज, प्रमुख सुशीला कुमारी, उप प्रमुख बीरेंद्र जायसवाल, चिकित्सा प्रभारी डॉ. मंटू कुमार, बीस सूत्री अध्यक्ष नसीम अंसारी, सांसद प्रतिनिधि ईश्वरी सिंह, विधायक प्रतिनिधि प्रेम सिंह उर्फ पिंटू तथा पंचायत समिति सदस्य प्रवीण कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया.स्वास्थ्य मेला की शुरुआत सहिया दीदियों द्वारा पारंपरिक झारखंडी वेश-भूषा में ढोल-मांदर की थाप पर स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों के अभिनंदन से हुई, जिससे पूरा परिसर उत्सवमय माहौल में बदल गया. इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से कुल 28 स्टॉल लगाए गए, जिनमें सामान्य चिकित्सा, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, परिवार नियोजन, दंत चिकित्सा, आयुष (आयुर्वेद एवं होम्योपैथी), पोषण, मानसिक स्वास्थ्य, टीबी, मलेरिया, कुष्ठ रोग, नेत्र जांच सहित कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं. साथ ही योग अभ्यास के माध्यम से लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया.मौके पर उपस्थित अतिथियों ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के नि:शुल्क स्वास्थ्य मेले सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब, मजदूर एवं जरूरतमंद लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होते हैं.
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की यह पहल आम जनता को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक सराहनीय कदम है, जिससे लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ रही है.हालांकि स्वास्थ्य मेला में ग्रामीणों की अपेक्षाकृत कम भीड़ देखने को मिली. इसको लेकर विधायक प्रतिनिधि प्रेम सिंह उर्फ पिंटू ने अपने संबोधन के दौरान स्वास्थ्य विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि मेला के प्रचार-प्रसार में भारी कमी रही, जिसके कारण ग्रामीणों की अपेक्षित भागीदारी नहीं हो पाई. उन्होंने कहा कि यदि पूर्व से व्यापक प्रचार किया जाता तो बड़ी संख्या में ग्रामीण स्वास्थ्य मेला का लाभ उठा सकते थे.वहीं उप प्रमुख बीरेंद्र जायसवाल ने भी स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि टेंट और अन्य व्यवस्थाओं पर तो बेहतर तरीके से खर्च किया गया, लेकिन यह मेला ग्रामीणों तक सही ढंग से नहीं पहुंच पाया. उन्होंने कहा कि यदि यही खर्च प्रचार-प्रसार में किया जाता तो अधिक से अधिक लोग शिविर की जानकारी पाते और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले सकते थे.
स्वास्थ्य मेला में बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने विभिन्न स्टॉलों पर जाकर जांच एवं परामर्श का लाभ उठाया. इस अवसर पर डॉ. अनुपमा एक्का, डॉ. प्रभात, दंत चिकित्सक, आयुष एवं होम्योपैथिक चिकित्सक, बीपीएम ओम प्रकाश गुप्ता, प्रबंधक विनिता कुमारी, आलोक तिवारी, राजेश चंद्र उर्फ बबलू, आरती रजनी सुरीन, साजदा बीबी, हसीब अंसारी, दीपक सिंह, जियाउल अंसारी ,लालमुनि देवी,समेत स्वास्थ्य विभाग के कर्मी, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे.स्वास्थ्य मेला के सफल आयोजन के बावजूद प्रचार-प्रसार की कमी को लेकर उठे सवाल चर्चा का विषय बने रहे, वहीं ग्रामीणों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर संतोष और उत्साह का माहौल भी देखा गया.
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