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बगोदर/डेस्क: बगोदर थाना क्षेत्र के तुकतुको गांव में एक ही परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा कि 20 दिनों के भीतर पिता, पुत्री और पुत्र की मौत हो गई, जबकि मां जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है. घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है और महिला के होश में आने का इंतजार किया जा रहा है, ताकि घटना की वास्तविक वजह सामने आ सके.
जानकारी के अनुसार, तुकतुको निवासी चंद्रदीप महतो झारखंड की एक निजी कंपनी में चालक के रूप में कार्यरत थे. 11 मई को ड्यूटी के दौरान हुए एक सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई थी. पति की मौत के बाद परिवार गहरे सदमे में था.
इसी बीच 27 मई को चंद्रदीप महतो की पत्नी दिनेश्वरी देवी, 15 वर्षीय पुत्री प्रियंका कुमारी और 12 वर्षीय पुत्र प्रिंस कुमार की अचानक तबीयत बिगड़ गई. तीनों को उल्टी-दस्त की शिकायत होने पर परिजनों ने तत्काल बगोदर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया. प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें हजारीबाग स्थित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया गया.
इलाज के दौरान 28 मई को प्रियंका कुमारी की मौत हो गई. वहीं दिनेश्वरी देवी और प्रिंस कुमार को बेहतर इलाज के लिए रांची भेजा गया, जहां 29 मई को प्रिंस कुमार ने भी दम तोड़ दिया. दिनेश्वरी देवी का फिलहाल रांची के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है और बताया जा रहा है कि वह अब तक पूरी तरह होश में नहीं आ सकी हैं.
मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं. मृतक चंद्रदीप महतो के भाई सुरेंद्र महतो ने शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज में पुलिस को दिए लिखित बयान में आशंका जताई है कि दिनेश्वरी देवी ने कथित रूप से स्वयं तथा अपने दोनों बच्चों को विषाक्त पदार्थ का सेवन कराया था. बयान के अनुसार, घटना के समय घर का दरवाजा अंदर से बंद था और आवाज सुनकर परिजनों ने छत के रास्ते घर में प्रवेश कर तीनों को बाहर निकाला तथा अस्पताल पहुंचाया.
हालांकि, पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है. महिला के बयान और चिकित्सकीय जांच रिपोर्ट आने के बाद ही घटना के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा. फिलहाल पूरे मामले को संदेहास्पद मानते हुए जांच जारी है.
20 दिनों में एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत और मां की गंभीर हालत ने तुकतुको गांव समेत पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है.
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