मुमताज अहमद/न्यूज11 भारत
खलारी/डेस्क: कोयला उद्योग में 12वें वेतन समझौते (जेबीसीसीआई-12) के तत्काल गठन की मांग को लेकर संयुक्त मोर्चा ने आंदोलन तेज कर दिया है. 10 अगस्त को एनके एरिया महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष प्रस्तावित विशाल प्रदर्शन की तैयारी के तहत गुरुवार को डकरा एवं चुरी परियोजना में गेट मीटिंग आयोजित कर मजदूरों को आंदोलन में बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया गया.
वक्ताओं ने कहा कि 11वें वेतन समझौते की अवधि 30 जून 2026 को समाप्त हो चुकी है, जबकि जुलाई 2026 से 12वां वेतन समझौता लंबित है. उनका आरोप था कि केंद्र सरकार और कोल इंडिया प्रबंधन की मजदूर विरोधी नीतियों के कारण जेबीसीसीआई-12 के गठन में अनावश्यक विलंब हो रहा है. चार लेबर कोड का हवाला देकर वेज बोर्ड की व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है, जिससे कोयला मजदूरों में गहरी चिंता और असंतोष है.
नेताओं ने कहा कि पूर्व के वेतन समझौतों में नई वेज बोर्ड प्रक्रिया समय रहते शुरू हो जाती थी, लेकिन इस बार अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है. इसी के विरोध में इंटक, एटक, एचएमएस और सीटू से संबद्ध केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने देशव्यापी आंदोलन का निर्णय लिया है. आंदोलन के प्रथम चरण में 10 अगस्त को सुबह 10 बजे एनके एरिया महाप्रबंधक कार्यालय पर विशाल प्रदर्शन किया जाएगा.
गेट मीटिंग में सभी शाखा अध्यक्षों एवं सचिवों से अधिक से अधिक मजदूरों की भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की गई. इस दौरान मजदूरों ने सरकार और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की.
बैठक की अध्यक्षता संयुक्त रूप से वरिष्ठ यूनियन नेताओं ने की, जबकि संचालन शैलेश कुमार एवं गोल्डेन प्रसाद यादव ने किया. सभा को प्रेम कुमार, बी.एन. पांडेय, सुनील कुमार सिंह, रतिया गंझु, कृष्णा चौहान, विकास दुबे, देवपाल मुंडा, सुधीर राय, हलीम खान और धीरज कुमार सहित कई नेताओं ने संबोधित किया.
मौके पर मुमताज अहमद, तौहीद आलम, टूपा महतो, राम प्रवेश राम, सुरेंद्र चौहान, ईशान गंझु, अजय चौहान, अरविंद चौबे, दीपक कुमार, रविंद्र बैठा, कुलदीप कुमार, मोहन महतो, धनंजय चौहान, तपेश्वर यादव, मनोज कुमार, कयामुद्दीन अंसारी सहित डकरा एवं चुरी के सैकड़ों मजदूर उपस्थित रहे.
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