न्यूज11 भारत
रांची/डेस्क: झारखंड में हुए शराब घोटाले मामले में एसीबी की जांच तेज़ हो गयी है. तत्कालीन संयुक्त उत्पाद आयुक्त गजेन्द्र कुमार सिंह, पूर्व उत्पाद आयुक्त अमित प्रकाश एवं तत्कालीन जीएम सुधीर कुमार दास के बयान से एसीबी को अहम सुराग सुराग मिले हैं. उसी आधार पर वह आगे बढ़ रही है. मामले में मिले साक्ष्यों और जानकारियों की कड़ियों को जोड़ने में एसीबी जुटी हुई है. 7 अगस्त, 2026 को अमर कुमार मेहता, आईटी प्रबंधक, JSBCL को पूछताछ एवं बयान दर्ज कराने हेतु समन जारी किया गया है.
एसीबी अमर कुमार मेहता से Track & Trace प्रणाली के क्रियान्वयन, डिजिटल निगरानी व्यवस्था, सिस्टम लॉग, इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख तथा मदिरा आपूर्ति की डिजिटल ट्रैकिंग से संबंधित तकनीकी तथ्यों का सत्यापन करेगी. वही 6 अगस्त को श्याम जी शरण, छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग में विशेष सचिव के पद पर कार्य कर चुके अरुण पति त्रिपाठी, और नेक्सजेन के सीईओ अरुण कुमार सिंह को पूछताछ के लिए बुलाए गया.
यह भी पढ़ें: बड़गांव में मुस्लिम युवक की बेरहमी से हत्या पर अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन हिदायतुल्लाह खान ने जताई सख़्त नाराजगी