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रांची/डेस्क: राजधानी दिल्ली स्थित Jawaharlal Nehru University (JNU) में एक बार फिर छात्र संगठनों के बीच हिंसा भड़क गई. रविवार देर रात कैंपस में वामपंथी छात्र संगठनों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प में कई छात्र घायल हो गए. घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ हैं.
जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात करीब 1:30 बजे जेएनयू के स्कूल एरिया में दो छात्र गुटों के बीच विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया. दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट और पत्थरबाजी के आरोप लगाए हैं. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ छात्र देर रात पढ़ाई कर रहे थे, तभी विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों और दूसरे गुट के बीच बहस शुरू हुई, जिसके बाद स्थिति बेकाबू हो गई.
12 से 14 छात्र अस्पताल में भर्ती
झड़प और कथित पत्थरबाजी में घायल हुए करीब 12 से 14 छात्रों को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया. छात्रों ने आरोप लगाया कि हिंसा के दौरान कई लोगों को गंभीर चोटें आई. बताया जा रहा है कि जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन (JNUSU) ने कुलपति प्रो. शांतिश्री धुलिपुडी पंडित के इस्तीफे और निष्कासन आदेश वापस लेने की मांग को लेकर पूर्वी गेट की ओर “समता जुलूस” निकाला था. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे टकराव की स्थिति बनी.
वामपंथी छात्र संगठनों, जिनमें All India Students' Association (AISA) और SFI शामिल हैं, ने आरोप लगाया कि एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शनकारियों पर पत्थरबाजी की, जिससे कई छात्र घायल हुए. उनका कहना है कि छात्र शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे थे, तभी हमला किया गया. वहीं ABVP ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि हिंसा की शुरुआत वामपंथी संगठनों की ओर से की गई. संगठन के नेताओं का दावा है कि पढ़ाई कर रहे छात्रों को निशाना बनाया गया और नकाबपोश लोगों की भीड़ ने हमला किया.
ABVP नेताओं ने आरोप लगाया कि सैकड़ों की संख्या में लोगों ने छात्रों को स्टडी रूम से बाहर निकाला और मारपीट की. साथ ही यह भी कहा गया कि घटना के दौरान सुरक्षा कर्मी और पुलिस मौजूद होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई.
पुलिस को अभी तक औपचारिक शिकायत नहीं
घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने कहा कि उन्हें अब तक इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, हालांकि पूरी घटना पर नजर रखी जा रही है और स्थिति की समीक्षा की जा रही हैं. दोनों छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की हैं. घटना के बाद कैंपस में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और प्रशासन स्थिति सामान्य करने की कोशिश में जुटा हैं.
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