क्या है 'TROIKA' ?
एक्सक्लूसिव

BRICS समिट में भी 'TROIKA' का जिक्र, जानिए भारत की धरती से कैसे बदल सकता है वैश्विक राजनीति का प्रभुत्व ? 

BRICS 2026 समिट में PM मोदी ने किया 'TROIKA' का जिक्र, विश्व की राजनीति में क्यों चर्चा में है 'RIC' संवाद ?

By : Ark Sahuliyar
BRICS समिट में भी 'TROIKA' का जिक्र, जानिए भारत की धरती से कैसे बदल सकता है वैश्विक राजनीति का प्रभुत्व ? 

न्यूज़11 भारत 
नई दिल्ली/डेस्क:
BRICS समिट में 'रूस-भारत-चीन' संवाद अचानक विश्व की राजनीति में चर्चा में आ गया है. इसके बाद से 'ट्रोइका अवधारणा' की चर्चा शुरू हो गयी है.  नई दिल्ली में भारत की अध्यक्षता में 2026 की 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने TROIKA का जिक्र किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को एक मज़बूत ढांचे को लागू करने की मांग की, जो "ट्रोइका" सिस्टम और एक सुरक्षित डिजिटल रिपॉजिटरी पर आधारित हो, ताकि हर साल बदलने वाली प्रेसीडेंसी के दौरान फैसलों, नोडल पॉइंट्स और समय-सीमाओं पर नज़र रखी जा सके. पीएम मोदी ने कहा कि 'ट्रोइका' व्यवस्था के माध्यम से सभी पहलों और परिणामों का फॉलो-अप संभव हो सकेगा. हम हर फैसले से जुड़े नोडल पॉइंट, समय-सीमा और कार्यान्वयन की स्थिति को रिकॉर्ड करने के लिए एक सुरक्षित डिजिटल रिपॉजिटरी भी बना सकते हैं.

क्या है ट्रोइका ? 
ट्रोइका (Troika) एक रूसी शब्द है जिसका मूल अर्थ तीन घोड़ों द्वारा एक साथ खींची जाने वाली पारंपरिक रूसी गाड़ी या तीन का समूह (त्रय/तिकड़ी) होता है. राजनीति या प्रशासन में इसका उपयोग तीन शक्तिशाली व्यक्तियों या निकायों के एक समूह के लिए किया जाता है जो मिलकर किसी संगठन या देश का नेतृत्व करते हैं. मुख्य रूप से मानें तो troika भारत, रूस और चीन के साझा तौर पर एक मंच पर गठबंधन के लिए प्रयोग किया जाता है. अमेरिका के एकध्रुवीय प्रभुत्व को चुनौती देने के लिए वर्ष 1996 में रूस के तत्कालीन विदेश मंत्री येवगेनी प्रिमाकोव द्वारा रूस-भारत-चीन (RIC) ट्रोइका की अवधारणा बनाई गयी थी. रूसी प्रधानमंत्री येवगेनी प्रिमाकोव ने 1998 में भारत-रूस-चीन (RIC) ट्रोइका को प्रस्तावित किया था. यह प्रस्ताव "पश्चिमी गठबंधन के प्रतिकार" के रूप में पेश की गयी थी. 2000 के दशक की शुरुआत में ट्रोइका ने आकार लिया और RIC की पहली बैठक 2006 में हुई थी. भारत-रूस-चीन (RIC) के ट्रोइका की दूसरी बैठक बैठक 2018 में हुई थी. 

क्या है ट्रोइका का प्रमुख एजेंडा 
आरआईसी की परिकल्पना दुनिया के तीन सबसे बड़े गैर-पश्चिमी देशों यानि भारत, रूस और चीन के एक मंच के रूप में की गई थी, जिसका प्रमुख उद्देश्य क्षेत्रीय, बहुपक्षीय और वैश्विक हित के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करना है. नब्बे के दशक में जब दुनिया एकध्रुवीय से बहुध्रुवीय विश्व में बदल रही थी तब पश्चिमी मूल्यों से अलग एक वैश्विक व्यवस्था पर क्षेत्रीय दृष्टिकोणों पर आम सहमति बनाने के लिए बहुध्रुवीयता और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के लोकतंत्रीकरण पर आधारित ट्रोइका को प्रस्तावित किया था. अब 2026 में BRICS सम्मलेन में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रस्तावित तंत्र 'ट्रोइका' व्यवस्था के माध्यम से पहलों और परिणामों के फॉलो-अप को सक्षम बनाने पर जोर दिया. "ट्रोइका व्यवस्था" का उपयोग दो अलग-अलग तरीकों से किया जाता है, एक संस्थागत और दूसरा भू-राजनीतिक निरंतरता के लिए संस्थागत ढांचा.

औपचारिक रूप से, ट्रोइका BRICS की अध्यक्षता के सुचारू हस्तांतरण को सुनिश्चित करने का एक तंत्र है. चूंकि समूह का कोई स्थायी सचिवालय नहीं है, इसलिए इसकी अध्यक्षता सदस्यों के बीच हर साल बदलती रहती है. इस प्रणाली के तहत, पिछली अध्यक्षता करने वाला देश, वर्तमान अध्यक्ष और आगामी अध्यक्ष आपस में करीबी तालमेल के साथ काम करते हैं. इसका उद्देश्य नीतिगत निरंतरता बनाए रखना और यह सुनिश्चित करना है कि जब अध्यक्षता बदले तो दीर्घकालिक फैसले, व्यापारिक पहल और विस्तार से जुड़ी प्रक्रियाओं की गति कम न हो.

यह भी पढ़ें- BRICS समिट 2026 की शुरुआत: PM मोदी ने इसे Coming of Age का पल बताया, परिपक्वता व ज़िम्मेदारी की बात पर दिया जोर

 

संबंधित सामग्री

बेरमो में अवैध कोयला ढुलाई में संलिप्त दर्जनों मोटरसाइकिलें जब्त, सीआईएसएफ की लगातार कार्रवाई जारी

बेरमो में अवैध कोयला ढुलाई में संलिप्त दर्जनों मोटरसाइकिलें जब्त, सीआईएसएफ की लगातार कार्रवाई जारी

सीआईएसएफ की लगातार कार्रवाई से अवैध कोयला कारोबार में संलिप्त लोगों में हड़कंप मचा हुआ है

चुनाव आयोग ने फॉर्म 6 को लेकर 'भ्रम' को किया दूर तो 'विरोध करने वालों' की ओर से नहीं आया कोई जवाब!

चुनाव आयोग ने फॉर्म 6 को लेकर 'भ्रम' को किया दूर तो 'विरोध करने वालों' की ओर से नहीं आया कोई जवाब!

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के एक पोस्ट कर चुनाव आयोग से किया था सवाल, बीजेपी को लाभ पहुंचाने का भी लगाया था गंभीर आरोप

चांडिल-पुरुलिया NH 33 पर पुरुलिया-बोकारो मार्ग भीषण सड़क हादसे में सरायकेला जिले के तीन युवकों की दर्दनाक मौत

चांडिल-पुरुलिया NH 33 पर पुरुलिया-बोकारो मार्ग भीषण सड़क हादसे में सरायकेला जिले के तीन युवकों की दर्दनाक मौत

दो बाइकसवारों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ा, गंभीर रूप से घायल एक की अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत, गांव में पसरा मातम

इस नवरात्रि हाथी पर सवार होकर आएंगी मातारानी, सुख-समृद्धि की होगी बरसात

इस नवरात्रि हाथी पर सवार होकर आएंगी मातारानी, सुख-समृद्धि की होगी बरसात

11 अक्टूबर से शुरू होगी शारदीय नवरात्रि, 21 अक्टूबर को प्रतिमा विसर्जन के साथ होगा समापन; 20 अक्टूबर को होगा रावण दहन

रांची के अशोकनगर निवासी जमीन कारोबारी शशि कुमार से अपराधियों ने फोन कर मांगी रंगदारी

रांची के अशोकनगर निवासी जमीन कारोबारी शशि कुमार से अपराधियों ने फोन कर मांगी रंगदारी

अरगोड़ा थाने में केस दर्ज, 30 सितंबर को व्हाट्सऐप पर मिला था मैसेज पैसे नहीं देने पर मिली थी जान से मारने की धमकी<br/>