न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
हाईलाइट्स -
- 30 अप्रैल-01 मई कोसी एवं गंडक परियोजनाओं पर भारत-नेपाल की संयुक्त समिति (JCKGP) की 11वीं बैठक
- 02 मई को काठमांडू में बाढ़ पूर्वानुमान और सिंचाई व्यवस्था पर विशेष बैठक
- तकनीकी, प्रशासनिक एवं वित्तीय मुद्दों पर विचार-विमर्श
- कोसी बराज, तटबंध कटाव, नहर संचालन, भूमि कब्जा, जल निकासी और बाढ़ सुरक्षा पर चर्चा
पटना - काठमांडू, नेपाल में प्रस्तावित भारत- नेपाल कोसी एवं गंडक परियोजनाओं की संयुक्त समिति (JCKGP) की 11वीं बैठक 30 अप्रैल और 1 मई को हो रही है। इसके अलावा भारत एवं नेपाल से होकर बहने वाली नदियों पर बाढ़ पूर्वानुमान गतिविधियों को लेकर संयुक्त बैठक 02 मई को नेपाल के काठमांडू में बुलाई गई है।
बिहार सरकार की पहल पर कोसी एवं गंडक परियोजनाओं से संबंधित द्विपक्षीय विषयों के समाधान को लेकर बैठक की जा रही है। इसमें बाढ़ सुरक्षा, सिंचाई व्यवस्था और परियोजनाओं के प्रभावी तरीके से संचालन किये जाने को लेकर चर्चा की जाएगी। मिली जानकारी के अनुसार भारत-नेपाल कोसी एवं गंडक परियोजनाओं की संयुक्त समिति (JCKGP) की 11वीं बैठक दिनांक 30 अप्रैल- 01 मई 2026 को होगी। साथ हीं भारत एवं नेपाल से होकर बहने वाली नदियों पर बाढ़ पूर्वानुमान गतिविधियों हेतु संयुक्त बैठक दिनांक 02 मई 2026 को काठमांडू, नेपाल में होगी।
इस बैठक में भारत एवं नेपाल के प्रतिनिधियों के बीच विभिन्न तकनीकी, प्रशासनिक एवं वित्तीय मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा। कोसी परियोजना अंतर्गत परियोजना क्षेत्र की सुरक्षा, अवसंरचना के रख-रखाव, निर्माण सामग्री पर स्थानीय कर, कोसी बराज के दोनों ओर तटबंधों के कटाव, पश्चिमी मुख्य नहर के गेट संचालन, नेपाल क्षेत्र में सेवा पथ रख-रखाव, अतिक्रमण हटाने, परियोजना कर्मियों की सुरक्षा तथा कोशी टप्पू वन्यजीव क्षेत्र से संबंधित समस्याओं पर चर्चा होगी।
गंडक परियोजना से जुड़े मुद्दों में अधिग्रहित भूमि पर अनधिकृत कब्जा, जल निकासी अवरोध से कृषि भूमि में जलजमाव, नहरों में निर्धारित जलस्तर एवं डिस्चार्ज बनाए रखना, बाढ़ सुरक्षा एवं कटाव निरोधक कार्य, सेवा पथों का अनुरक्षण तथा सिल्टयुक्त जल प्रवाह नियंत्रण के संबंध में बैठक में चर्चा होगी। इस सब के कारण बिहार को काफी परेशानियों का सामना करता पड़ता है।
मानसून अवधि के दौरान जल संसाधन विभाग, बिहार द्वारा संचालित Flood Forecasting Model के लिए नेपाल भूभाग के Rainfall एवं Water Level के आंकड़े Application Programming Interface (API) के माध्यम से साझा करने के संबंध में भी बैठक में चर्चा होगी।
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