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रांची/डेस्क: संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है. 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलने वाले शातकालीन सत्र में जहां देश की निगाहें केंद्र सरकार द्वारा पेश किये जाने वाले 14 विधेयकों पर रहेगी, वहीं विपक्ष अपने 'हथियार' लेकर सत्र के शुरू होने का इन्तजार कर रहा है. वैसे तो सत्र शुरू होने से पहले रविवार को सर्वदलीय बैठक इस उम्मीद से आहूत की गयी ताकि सदन शांतिपूर्ण चले, लेकिन इसकी सम्भावना कम ही है, क्योंकि विपक्ष कई मुद्दों को लेकर बैठा हुआ है जिससे वह मोदी सरकार को घेर सके. इन मुद्दों में सबसे बड़ा मुद्दा मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) है. इसलिए कई मुद्दों पर सदन के हंगामेदार होने की पूरी सम्भावना है. वैसे आज हुई सर्वदलीय बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आशा व्यक्त की कि संसद के शीतकालीन सत्र में कोई व्यवधान नहीं होगा. अगर हम शांत मन से काम करेंगे तो ये देश के लिए फायदेमंद होगा और संसद सत्र सुचारू रूप से चलेगा."
किन मुद्दों पर हंगामे की है सम्भावना
- बिहार के बाद देश के 12 राज्य में चल रहा एसआईआर
- नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया और राहुल गांधी पर नई FIR
- राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में चर्चा
- दिल्ली कार धमाका और प्रदूषण मुद्दा
केन्द्र सरकार पेश करने वाली है 14 अहम विधेयक
सरकार संदद के आगामी शीतकालीन सत्र में 14 विधेयक पेश करने वाली है, जिसमें से कुछ आर्थिक सुधारों से भी जुड़े हुए हैं-
- जनविश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक
- दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक
- मणिपुर GST (द्वितीय संशोधन) विधेयक
- निरस्तीकरण और संशोधन विधेयक
- राष्ट्रीय राजमार्ग (संशोधन) विधेयक
- परमाणु ऊर्जा विधेयक
- कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक
- प्रतिभूति बाजार संहिता विधेयक
- बीमा कानून (संशोधन) विधेयक
- मध्यस्थता और सुलह (संशोधन) विधेयक
- उच्च शिक्षा आयोग विधेयक
- केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक
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