ऑफिस की टेंशन का नया फॉर्मूला, Gen Z कर रहे ‘रेज बुकिंग’, अचानक टिकट बुक कर रहे छुट्टियों की ओर

ऑफिस की टेंशन का नया फॉर्मूला, Gen Z कर रहे ‘रेज बुकिंग’, अचानक टिकट बुक कर रहे छुट्टियों की ओर

ऑफिस की टेंशन का नया फॉर्मूला gen z कर रहे ‘रेज बुकिंग’ अचानक टिकट बुक कर रहे छुट्टियों की ओर

न्यूज़11 भारत
रांची/डेस्क:
आधुनिक कार्य संस्कृति और ऑफिस के दबाव ने युवाओं की जिंदगी में एक नया रुझान पैदा कर दिया है इसे आजकल ‘रेज बुकिंग’ कहा जा रहा हैं. भारत में Gen Z और मिलेनियल्स के बीच यह ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा हैं. रेज बुकिंग का मतलब है काम के तनाव या वर्कप्लेस बर्नआउट में अचानक किसी यात्रा के लिए टिकट बुक कर लेना, ताकि मानसिक दबाव से राहत मिल सके.

कैसे होती है रेज बुकिंग?
कल्पना कीजिए, आप ऑफिस में डेडलाइन और क्लाइंट कॉल के बीच फंसे है और ऊपर से बॉस लगातार परेशान कर रहे हैं. ऐसे में कुछ युवा अचानक हिल स्टेशन या बीच की टिकट बुक कर लेते है बिना ज्यादा सोचे-समझे. मोबाइल स्क्रीन पर ‘आपकी टिकट कन्फर्म हो गई है’ का मैसेज उनके लिए किसी टॉनिक से कम नहीं होता.

रेज बुकिंग के पीछे आंकड़े और रिसर्च
अमेरिका स्थित यात्रा बीमा प्लेटफॉर्म Fay Travel के सर्वे के अनुसार, हर तीन में से एक व्यक्ति ऑफिस के तनाव से निपटने के लिए अचानक छुट्टियां बुक कर रहा हैं. भारत के ट्रैवल मार्केट से जुड़े आंकड़े भी यही बात कह रहे हैं. रिपोर्ट्स बताती है कि लास्ट मिनट बुकिंग में 30% तक की बढ़ोतरी हुई है और कई टिकट रात 3 से 4 बजे बुक की जा रही हैं. 

Gen Z और मिलेनियल्स क्यों कर रहे है रेज बुकिंग?
विशेषज्ञों के अनुसार, आज का युवा किसी खास अवसर का इंतजार नहीं करता. उनके लिए यात्रा सिर्फ शौक नहीं, बल्कि अपने मानसिक स्वास्थ्य और स्वतंत्रता का प्रतीक बन गई हैं. ऑफिस में हर चीज कंपनी और बॉस के अनुसार चलती है, लेकिन अचानक ट्रिप बुक करना उन्हें यह एहसास दिलाता है कि उनकी जिंदगी पर अभी भी कंट्रोल हैं. 24 वर्षीय संस्कृति सिंह ने बताया कि काम के बढ़ते तनाव के चलते उन्होंने अचानक एक दोस्त की ट्रिप बुक कर ली. सुबह उठकर समुद्र का नजारा देखकर उन्हें महसूस हुआ कि यह ब्रेक उनके लिए कितना जरूरी था. वहीं, 31 वर्षीय क्षितिज गुप्ता ने लंबी वर्क कॉल के बाद रात 11 बजे अचानक भोपाल जाने की टिकट बुक कर ली.

क्या रेज बुकिंग वाकई समाधान है?
विशेषज्ञों का कहना है कि रेज बुकिंग तनाव से अस्थायी राहत जरूर देती है, लेकिन ऑफिस के असली मुद्दों का समाधान नहीं हैं. अगर सिर्फ काम से भागने के लिए यात्रा की जा रही है, तो ऑफिस लौटते ही वही तनाव और दबाव दोबारा घेर लेगा.

रेज बुकिंग आज के युवा वर्ग के लिए एक तरह का मानसिक राहत उपाय बन गई हैं. यह यात्रा केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि मानसिक सुकून और खुद पर नियंत्रण का माध्यम भी बन चुकी हैं. हालांकि, विशेषज्ञों का सुझाव है कि तनाव का स्थायी समाधान पाने के लिए ऑफिस में प्रबंधन सुधार और समय प्रबंधन पर ध्यान देना जरूरी हैं. 

यह भी पढ़े: हजारीबाग: तीन घंटे में सुलझी नवजात छिनताई की गुत्थी, मां ने ही रची थी कहानी
 

संबंधित सामग्री

चांडिल: पातकुम में नव कुंज महायज्ञ का विधायक सविता महतो व राजा प्रशांत कुमार आदित्यदेव ने किया उद्घाटन

झारखंड

चांडिल: पातकुम में नव कुंज महायज्ञ का विधायक सविता महतो व राजा प्रशांत कुमार आदित्यदेव ने किया उद्घाटन

गांडेय में डॉ. बशीर हेल्थ केयर अस्पताल का उद्घाटन, मंत्री हफीजुल हसन बोले– सभी वर्गों के हित में होगा बजट

झारखंड

गांडेय में डॉ. बशीर हेल्थ केयर अस्पताल का उद्घाटन, मंत्री हफीजुल हसन बोले– सभी वर्गों के हित में होगा बजट

नगरपालिका आम निर्वाचनके सफल संचालन के लिए मतदान दल का तृतीय चरण प्रशिक्षण संपन्न

झारखंड

नगरपालिका आम निर्वाचनके सफल संचालन के लिए मतदान दल का तृतीय चरण प्रशिक्षण संपन्न

सामान्य प्रेक्षक और अपर उपायुक्त ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का किया निरीक्षण, दिए निर्देश

असम के मुख्‍यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार

देश-विदेश

असम के मुख्‍यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार

हिरासत में हुई मौत के मामलों पर ज्यूडिशियल इंक्वायरी को लेकर झारखंड हाई कोर्ट ने गृह सचिव से किया सवाल

झारखंड

हिरासत में हुई मौत के मामलों पर ज्यूडिशियल इंक्वायरी को लेकर झारखंड हाई कोर्ट ने गृह सचिव से किया सवाल