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रांची/डेस्क: प्रयागराज के माघ मेले में जहां एक ओर साधु-संतों की साधना, भजन और प्रवचनों की गूंज है, वहीं दूसरी ओर सतुआ बाबा का नाम उनके शाही ठाठ-बाट को लेकर सुर्खियों में बना हुआ हैं. लग्जरी गाड़ियों, बड़े काफिलों और हाई-प्रोफाइल जीवनशैली के कारण सतुआ बाबा लगातार सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे हैं.
आश्रम पहुंची चमचमाती मर्सिडीज GLS 450
डिफेंडर और करीब तीन करोड़ रुपये की पोर्शे के बाद अब सतुआ बाबा के आश्रम में नई मर्सिडीज GLS 450 की एंट्री हुई हैं. बाजार में इस लग्जरी SUV की कीमत लगभग दो करोड़ रुपये बताई जा रही हैं. वायरल वीडियो में सतुआ बाबा खुद इस नई गाड़ी की पूजा करते नजर आ रहे है, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई हैं.
लग्जरी काफिले ने खींचा सबका ध्यान
माघ मेले के दौरान पहले सतुआ बाबा के कैंप में डिफेंडर कार दिखी, फिर पोर्शे ने लोगों को चौंकाया और अब मर्सिडीज GLS 450 ने चर्चाओं को और हवा दे दी हैं. एक के बाद एक महंगी गाड़ियों की मौजूदगी ने श्रद्धालुओं के साथ-साथ आम लोगों को भी हैरान कर दिया हैं.
‘भक्त श्रद्धा में देते हैं गाड़ी-घोड़ा’
लग्ज़री जीवनशैली पर उठ रहे सवालों पर सतुआ बाबा का कहना है कि अध्यात्म में वैभव की कोई सीमा नहीं होती. उनके अनुसार, “भक्त श्रद्धा में जो देते है, वही स्वीकार होता हैं. मुझे यह भी नहीं पता कि किस गाड़ी की कीमत क्या हैं.” बाबा का दावा है कि बड़े कार्यों के लिए बड़ी व्यवस्थाएं जरूरी होती हैं. सतुआ बाबा ने बताया कि सतुआ बाबा पीठ करीब 300 वर्ष पुरानी है और सनातन परंपरा हमेशा से वैभवशाली रही हैं. उनका कहना है कि धर्म और संसाधनों का आपस में विरोध नहीं, बल्कि संतुलन रहा हैं.
भव्य पंडाल और वीआईपी तस्वीरें
माघ मेले में लगाए गए सतुआ बाबा के पंडाल की भव्यता भी चर्चा में हैं. पंडाल में कई सेलिब्रिटी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उनकी तस्वीरें लगी हैं. इसके अलावा सोशल मीडिया पर डीएम के रोटी बनाने, बाबा के काफिले और प्रभावशाली जीवनशैली से जुड़े वीडियो लगातार वायरल हो रहे हैं.
रेबेन का चश्मा, शाही अंदाज़ और बड़े काफिले के साथ सतुआ बाबा जब निकलते हैं, तो श्रद्धालु उन्हें देखने के लिए रुक जाते हैं. उनका स्टाइल और रहन-सहन साधु-संतों की पारंपरिक छवि से अलग नजर आता है, जिससे वह और ज्यादा चर्चा में रहते हैं. माघ मेले के दौरान सतुआ बाबा ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि भारत का युवा आज सब कुछ हासिल कर सकता हैं. उन्होंने मोदी-योगी सरकार की नीतियों की सराहना की और GenZ में बढ़ते धार्मिक पर्यटन को सनातन परंपरा का सकारात्मक प्रभाव बताया.
गरीबी से वैभव तक की कहानी
अपने जीवन के शुरुआती दिनों को याद करते हुए सतुआ बाबा ने कहा कि बचपन में उनके पास किताब खरीदने तक के पैसे नहीं होते थे. माता-पिता को उन्होंने अपना पहला गुरु बताया और पंडित धीरेंद्र शास्त्री को मित्र बताया. आज वही बाबा लग्जरी गाड़ियों और शाही ठाठ-बाट के कारण देशभर में चर्चा का विषय बने हुए हैं.
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