10 फरवरी के बाद इंडिगो की उड़ानें नहीं होंगी रद्द, DGCA को मिला एयरलाइन का भरोसा

10 फरवरी के बाद इंडिगो की उड़ानें नहीं होंगी रद्द, DGCA को मिला एयरलाइन का भरोसा

10 फरवरी के बाद इंडिगो की उड़ानें नहीं होंगी रद्द dgca को मिला एयरलाइन का भरोसा

न्यूज़11 भारत
रांची/डेस्क:
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को आश्वस्त किया है कि 10 फरवरी 2026 के बाद उसकी किसी भी उड़ान को रद्द नहीं किया जाएगा. एयरलाइन का कहना है कि नए और सख्त फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियमों के तहत परिचालन के लिए उसके पास पर्याप्त पायलट और क्रू उपलब्ध है, जिससे उड़ानों के संचालन में किसी तरह की बाधा नहीं आएगी.

पर्याप्त पायलट होने का दावा
इंडिगो ने डीजीसीए को जानकारी दी है कि 10 फरवरी 2026 तक उसे कुल 4,330 पायलटों की आवश्यकता होगी, जबकि उसके पास 4,640 पायलट उपलब्ध रहेंगे यानी जरूरत से अधिक पायलट होने के कारण एफडीटीएल नियमों का पूरी तरह पालन किया जा सकेगा. एयरलाइन के पास इस समय 2,400 कमांड पायलट (पीआईसी) हैं, जबकि आवश्यकता 2,280 की हैं. वहीं, फर्स्ट ऑफिसर यानी को-पायलटों की संख्या 2,240 है, जबकि जरूरत 2,050 की बताई गई हैं. इस तरह परिचालन जरूरतों के मुकाबले पायलटों की उपलब्धता पर्याप्त मानी जा रही हैं.

10 फरवरी के बाद परिचालन रहेगा स्थिर
डीजीसीए ने स्पष्ट किया है कि 10 फरवरी इंडिगो के लिए तय डेडलाइन है, जिसके बाद एयरलाइन को बिना किसी छूट के नए एफडीटीएल नियमों का पालन करना होगा. नियामक का कहना है कि इस तारीख के बाद इंडिगो का परिचालन स्थिर रहेगा और यात्रियों को उड़ान रद्द होने जैसी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा.

दिसंबर में रद्द हुई थी हजारों उड़ानें
बता दें कि, दिसंबर 2025 के पहले सप्ताह में इंडिगो की बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द हुई थी या काफी देर से संचालित की गई थी. 3 से 5 दिसंबर के बीच 2,507 उड़ानें रद्द हुईं और 1,852 उड़ानें विलंब से चली. इससे देशभर के हवाई अड्डों पर तीन लाख से अधिक यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था. इस मामले में नागरिक विमानन मंत्रालय द्वारा गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर डीजीसीए ने इंडिगो पर 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया था.

जांच में यह बात सामने आई थी कि क्रू मैनेजमेंट में गड़बड़ी, नियामक तैयारी की कमी, सिस्टम सॉफ्टवेयर की खामियां, प्रबंधन संरचना और ऑपरेशनल कंट्रोल में कमजोरियां उड़ानों के रद्द होने के प्रमुख कारण थे. इसके बाद इंडिगो को अपने सिस्टम और संचालन में सुधार के निर्देश दिए गए थे.

सुधारात्मक कदमों से बढ़ा भरोसा
नागरिक उड्डयन मंत्रालय और डीजीसीए का कहना है कि पिछले महीने की गड़बड़ियों के बाद इंडिगो ने अपनी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार किया हैं. मंत्रालय के अनुसार, लगातार निगरानी और सुधारात्मक कदमों के चलते परिचालन में स्थिरता आई है और सेवा विश्वसनीयता बेहतर हुई हैं.

डीजीसीए की कड़ी निगरानी जारी
डीजीसीए ने बताया कि इंडिगो नियमित रूप से साप्ताहिक और पाक्षिक रिपोर्ट सौंप रही हैं. अब तक एयरलाइन की ओर से चार साप्ताहिक और तीन पाक्षिक रिपोर्ट दी जा चुकी हैं. इसके अलावा, डीजीसीए द्वारा आयोजित हर साप्ताहिक बैठक में इंडिगो के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं. नियामक ने साफ किया है कि सार्वजनिक हित में कुछ अस्थायी छूट दी गई थी लेकिन सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया गया हैं. डीजीसीए ने यह भी कहा कि इंडिगो की गतिविधियों पर उसकी नजर बनी रहेगी, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और भरोसेमंद हवाई सेवा मिलती रहे.

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