होली 2026: 4 मार्च को मनाई जाएगी Holi, रंगों के साथ बरतें सावधानी -आंखों की सुरक...

होली 2026: 4 मार्च को मनाई जाएगी Holi, रंगों के साथ बरतें सावधानी -आंखों की सुरक्षा पर डॉक्टरों की खास सलाह

होली 2026 4 मार्च को मनाई जाएगी holi रंगों के साथ बरतें सावधानी -आंखों की सुरक्षा पर डॉक्टरों की खास सलाह

न्यूज़ 11 भारत 
रांची/डेस्क:
4 मार्च को देशभर में होली का त्योहार मनाया जाएगा. इस मौके के लिए लोगों ने पहले से ही रंग और गुलाल की खरीदारी शुरू कर दी है. हालांकि रंगों की मस्ती के बीच एक बड़ी चिंता हर साल सामने आती है जैसे आंखों में रंग चले जाना. विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में मिलने वाले कई सिंथेटिक और केमिकल युक्त रंग आंखों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं और कुछ मामलों में मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति तक पैदा कर सकते हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, कई सस्ते रंगों में लेड ऑक्साइड, मरकरी सल्फाइट और यहां तक कि बारीक पिसा हुआ कांच तक मिलाया जाता है. यदि ऐसे रंग आंखों में चले जाएं तो जलन, कॉर्निया पर खरोंच, एलर्जी या गंभीर संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है.

रंग आंख में चले जाए तो तुरंत क्या करें?
डॉक्टरों के मुताबिक, जैसे ही रंग आंख में जाए, सबसे पहले भीड़ से हटकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचें. आंखों को बिल्कुल न रगड़ें. रगड़ने से रंग के महीन कण कंजंक्टिवा के अंदर और गहराई तक जा सकते हैं, जिससे कॉर्निया पर खरोंच आने का खतरा रहता है. इसके बजाय आंखों को तुरंत साफ बहते पानी से धोएं. यदि संभव हो तो मिनरल वॉटर की बोतल से धीरे-धीरे आंख साफ करें. शुरुआती उपचार के तौर पर साफ पानी से धुलाई सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका माना जाता है.

किन चीजों से बचना जरूरी?
अक्सर लोग जलन कम करने के लिए गुलाब जल, दूध या बिना डॉक्टर की सलाह के आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल कर लेते हैं. लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि शुरुआती चरण में पानी के अलावा किसी अन्य तरल का उपयोग न करें. गुलाब जल या अन्य तरल पदार्थों में मौजूद प्रिजर्वेटिव या अशुद्धियां रंगों में मिले केमिकल्स के साथ प्रतिक्रिया कर सकती हैं, जिससे समस्या और गंभीर हो सकती है.

कब समझें कि स्थिति गंभीर है?
हल्की लालिमा और आंखों से पानी आना सामान्य प्रतिक्रिया हो सकती है. लेकिन यदि नजर धुंधली हो जाए, तेज दर्द बना रहे, आंख धोने के बाद भी जलन कम न हो या ऐसा लगे कि आंख में कुछ फंसा हुआ है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. इसके अलावा पलकों में अत्यधिक सूजन, आंख का पूरी तरह न खुल पाना या रोशनी से असहनीय दर्द होना गहरी केमिकल चोट के संकेत हो सकते हैं. ऐसे में देरी करना नुकसानदायक हो सकता है.

आंखों की सुरक्षा के लिए क्या करें?
विशेषज्ञों की सलाह है कि होली खेलने से पहले आंखों के आसपास नारियल तेल या कोल्ड क्रीम की मोटी परत लगाई जा सकती है. यह एक सुरक्षात्मक परत की तरह काम करती है और रंगों को त्वचा पर चिपकने से कुछ हद तक रोकती है. इसके साथ ही सनग्लासेस या पारदर्शी प्रोटेक्टिव आईवियर पहनना बेहद फायदेमंद है, खासकर जब बड़े समूह में रंग खेला जा रहा हो जहां बिना सावधानी के रंग फेंके जाते हैं. डॉक्टरों का यह भी कहना है कि ऑर्गेनिक रंगों का इस्तेमाल अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्प है. इनमें सस्ते औद्योगिक पाउडर में पाए जाने वाले भारी धातुओं की मिलावट की संभावना कम होती है. त्योहार की खुशियों के बीच थोड़ी सी सावधानी आपकी आंखों को गंभीर नुकसान से बचा सकती है.

ये भी पढ़ें- BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन बिहार से होंगे राज्यसभा के उम्मीदवार, दूसरे कैंडिडेट होंगे शिवेश कुमार 

 

संबंधित सामग्री

गुमला में युवक पर जान लेवा हमला, सिर में लगे छह टांके

झारखंड

गुमला में युवक पर जान लेवा हमला, सिर में लगे छह टांके

डीआईजी ने सिविल कोर्ट परिसर एवं कंट्रोल रूम का किया निरीक्षण, दिए महत्वपूर्ण निर्देश

झारखंड

डीआईजी ने सिविल कोर्ट परिसर एवं कंट्रोल रूम का किया निरीक्षण, दिए महत्वपूर्ण निर्देश

जिला बाल संरक्षण इकाई के प्रयास से चंदवा के अनाथ शुभम व शिवम को मिलेगी चार-चार हजार रुपये मासिक सहायता

झारखंड

जिला बाल संरक्षण इकाई के प्रयास से चंदवा के अनाथ शुभम व शिवम को मिलेगी चार-चार हजार रुपये मासिक सहायता

मंडल कारा चास का डीसी - एसपी की देख रेख में चली छापेमारी, जांच के दौरान नहीं मिला कोई आपत्तिजनक सामान

झारखंड

मंडल कारा चास का डीसी - एसपी की देख रेख में चली छापेमारी, जांच के दौरान नहीं मिला कोई आपत्तिजनक सामान

नामकुम थाना क्षेत्र में महिला से सोने की चेन की छिनतई, बाइक सवार स्नैचर ने दिया घटना को अंजाम 

झारखंड

नामकुम थाना क्षेत्र में महिला से सोने की चेन की छिनतई, बाइक सवार स्नैचर ने दिया घटना को अंजाम