न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
चंद्र प्रकाश / मुजफ्फरपुर - मुजफ्फरपुर में सामाजिक क्रूरता की पराकाष्ठा, प्रेम विवाह करने पर बेटी को जीते जी मृत घोषित किया गया। मुजफ्फरपुर जिले के मड़वन प्रखंड से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने आधुनिक समाज और मानवीय संवेदनाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रेम विवाह करने वाली एक युवती को उसके परिवार और समाज ने जीते जी मृत मान लिया। इतना ही नहीं, गांव में उसकी प्रतीकात्मक अर्थी निकाली गई और पुतले का दाह संस्कार कर बेटी से रिश्ता खत्म करने की घोषणा कर दी गई।
हाईलाइट्स -
- प्रेम विवाह करने पर युवती को जीते जी मृत घोषित किया गया
- गांव में निकाली गई प्रतीकात्मक अंतिम यात्रा
- समाज में वापसी के लिए परिवार पर डाली गई शर्त
- पुतले का दाह संस्कार कर तोड़ा रिश्ता
प्रेमी संग गई थी युवती, कोर्ट में पति के साथ रहने की जताई इच्छा
मामला करजा थाना क्षेत्र के एक गांव का है। जानकारी के अनुसार, करीब एक माह पहले युवती अपने प्रेमी के साथ घर छोड़कर चली गई थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने युवती को बरामद किया। कोर्ट में पेशी के दौरान युवती ने खुद को बालिग बताते हुए अपने पति के साथ रहने की इच्छा जाहिर की। युवती ने सोशल मीडिया के माध्यम से पुलिस के वरीय अधिकारियों को भी अपनी सुरक्षा और अपनी मर्जी से विवाह करने की जानकारी दी थी।
समाज ने रखा क्रूर फरमान, परिवार ने मजबूरी में निभाई रस्म
बेटी के प्रेम विवाह से नाराज परिजनों का गांव में सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया। स्थानीय लोगों ने परिवार के सामने समाज में दोबारा शामिल होने के लिए एक अमानवीय शर्त रखी— बेटी को मृत मानकर उसका अंतिम संस्कार करना होगा। मजबूरी में परिवार ने युवती का प्रतीकात्मक पुतला बनाया, उसे अर्थी पर सजाया गया और हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार गांव से श्मशान घाट तक अंतिम यात्रा निकाली गई। श्मशान पहुंचकर परिजनों ने पुतले को मुखाग्नि दी और बेटी से हमेशा के लिए संबंध खत्म करने की घोषणा कर दी।
मुखिया ने की पुष्टि, पुलिस ने कहा— आधिकारिक जानकारी नहीं
स्थानीय मुखिया विकास कुमार सिंह ने घटना की पुष्टि की है। वहीं करजा थानाध्यक्ष रामकृष्ण परमहंस ने बताया कि युवती का बयान पहले ही दर्ज किया जा चुका है, लेकिन इस तरह के प्रतीकात्मक दाह संस्कार की आधिकारिक जानकारी पुलिस को नहीं मिली है।
इसे भी पढ़ें - सम्राट सरकार का सख्त आदेश: 30 दिन में काम नहीं तो 31वें दिन अफसर सस्पेंड!