रोहन निषाद/न्यूज11 भारत
चाईबासा/डेस्क: पश्चिमी सिंहभूम जिला के किरीबुरू थाना पुलिस ने मेघाहातुबुरु के सेल कर्मचारी सचिन करण की सड़क दुर्घटना में मौत के चर्चित मामले का खुलासा कर दिया है. पुलिस ने प्रोस्पेक्टिंग निवासी अजंता कंडुलना 36 वर्ष को गिरफ्तार कर रविवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया.
रात में घायल हालत में मिला था शव
कुछ दिन पहले सारंडा सुवन छात्रावास के पास रात में सचिन करण गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले थे. परिजनों ने उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए राउरकेला स्थित इस्पात जनरल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई. शुरुआत में माना जा रहा था कि सचिन खुद बाइक से गिरकर घायल हुए हैं, लेकिन पुलिस की गहन जांच में पूरी तस्वीर बदल गई.
तेजी से बाइक चलाकर मारी थी टक्कर, फिर हुआ फरार
थाना प्रभारी रोहित कुमार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने घटनास्थल, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की. जांच में सामने आया कि सचिन की मोटरसाइकिल को आरोपी अजंता कंडुलना ने तेज गति और लापरवाही से बाइक चलाते हुए टक्कर मारी थी.टक्कर के बाद सचिन सड़क पर गिर गए और गंभीर रूप से जख्मी हो गए. लेकिन आरोपी ने घायल की मदद करने के बजाय मौके से भाग जाना बेहतर समझा. पुलिस का कहना है कि अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपी को लगा कि वह पकड़ा नहीं जाएगा, लेकिन पुलिस ने उसे ट्रेस कर लिया.जांच में यह भी पता चला कि आरोपी के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था.
घायलों की मदद करें, यह अपराध भी है और अमानवीय भी :थाना प्रभारी
थाना प्रभारी रोहित कुमार ने कहा कि अगर दुर्घटना के तुरंत बाद सचिन को अस्पताल पहुंचाया जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी. हादसे के बाद घायल को तड़पता छोड़कर भागना सिर्फ कानूनी अपराध नहीं, बल्कि मानवता के खिलाफ भी है.
उन्होंने आम लोगों से अपील की कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायल की तुरंत सहायता करें और एंबुलेंस या पुलिस को सूचना दें. कानून गुड समैरिटन यानी मदद करने वाले नागरिकों को सुरक्षा देता है और पुलिस ऐसे लोगों का सम्मान करेगी.
पुलिस ने कहा है कि तेज और लापरवाह वाहन चलाने वालों के साथ-साथ दुर्घटना कर भागने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
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