नमो नारायण मिश्रा/न्यूज11 भारत
गोपालगंज/डेस्क: गोपालगंज से एक चौंकाने वाली और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आ रही है. जहां बिजली चोरी रोकने पहुंची सरकारी टीम को ही लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा. आखिर ऐसा क्या हुआ कि जांच करने गई टीम पर हमला हो गया. बिहार के गोपालगंज जिले के सिधवलिया थाना क्षेत्र के बखरौर गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बिजली विभाग की टीम चोरी की जांच करने गांव पहुंची. दरअसल, विभाग को लगातार बिजली चोरी की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद कनीय विद्युत अभियंता अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे. जैसे ही टीम ने जांच प्रक्रिया शुरू की, कुछ स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया.
शुरुआत में यह विरोध सिर्फ बहस तक सीमित था, लेकिन देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि स्थिति हिंसक झड़प में बदल गई. आरोप है कि गुस्साए लोगों ने बिजली विभाग की टीम पर हमला कर दिया. कनीय अभियंता समेत कई कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई. इतना ही नहीं, उन्हें गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी गई. इस अचानक हुए हमले से मौके पर हड़कंप मच गया. हमले में कई बिजलीकर्मी घायल हो गए, जिन्हें तुरंत स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार दिया गया. हालत गंभीर होने पर उन्हें गोपालगंज मॉडल सदर अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है.
घटना के बाद पीड़ित कर्मी सिधवलिया थाना पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी तुरंत हरकत में आया. सदर एसडीपीओ-2 राजेश कुमार और सिधवलिया थानाध्यक्ष सोमनाथ झा मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. पुलिस ने कनीय विद्युत अभियंता के बयान के आधार पर केस दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है. एसडीपीओ-2 राजेश कुमार ने बताया कि बिजली चोरी की सूचना के आधार पर टीम जांच के लिए गांव गई थी, लेकिन वहां उनके साथ मारपीट की गई. उन्होंने कहा कि पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा. फिलहाल सभी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं, लेकिन पुलिस का दावा है कि उन्हें जल्द ही पकड़कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा.
यह घटना न सिर्फ सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कानून को हाथ में लेने की प्रवृत्ति कितनी खतरनाक होती जा रही है. ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी कानून व्यवस्था को चुनौती देने की हिम्मत न कर सके. अब देखने वाली बात होगी कि पुलिस इस मामले में कितनी जल्दी कार्रवाई करती है और आरोपियों को कब तक गिरफ्तार किया जाता है.
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