न्यूज़11 भारत
रांची/डेस्क: अगर आज 27 फरवरी को बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम है, तो सावधान हो जाएं. देशभर में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में आज कामकाज प्रभावित रहने वाला हैं. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने अपनी मांगों को लेकर आज एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है, जिससे आम ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता हैं.
क्यों बुलाई गई है बैंक हड़ताल?
बैंक यूनियनों की यह हड़ताल सप्ताह में पांच दिन काम (फाइव-डे वर्क वीक) को तुरंत लागू करने की मांग को लेकर हो रही हैं. यूनियनों का कहना है कि इस मुद्दे पर भारतीय बैंक संघ (IBA) से सहमति बनने के बावजूद अब तक सरकार की ओर से अधिसूचना जारी नहीं की गई हैं. 23 जनवरी को मुख्य श्रम आयुक्त के साथ हुई सुलह बैठक भी बेनतीजा रही, जिसके बाद यूनियनों ने हड़ताल का रास्ता अपनाया.
किन बैंकों पर पड़ेगा ज्यादा असर?
हड़ताल का सबसे ज्यादा असर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं पर पड़ने की संभावना हैं. इसमें शामिल है- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, यूको बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और पंजाब एंड सिंध बैंक. इन बैंकों में नकद जमा-निकासी, चेक क्लियरेंस, पासबुक अपडेट और अन्य शाखा-स्तरीय प्रशासनिक कामकाज प्रभावित रह सकता हैं.
तीन दिन तक बाधित रहीं सेवाएं
बता दें कि, 25 जनवरी को रविवार और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के चलते बैंक पहले ही बंद थे. ऐसे में आज की हड़ताल के कारण लगातार तीसरे दिन शाखाओं से जुड़ी सेवाएं बाधित रहने की आशंका है, जिससे ग्राहकों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं.
एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक जैसे निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंकों पर इस हड़ताल का खास असर नहीं पड़ेगा. इनके कर्मचारी हड़ताल में शामिल नहीं है, इसलिए इन बैंकों की शाखाएं सामान्य रूप से काम करती नजर आ सकती हैं.
डिजिटल बैंकिंग चालू, ATM पर नजर रखें
यूपीआई, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहेंगी. हालांकि, कुछ इलाकों में एटीएम में नकदी की उपलब्धता लॉजिस्टिक कारणों से प्रभावित हो सकती है, इसलिए जरूरत पड़ने पर पहले से तैयारी करना बेहतर रहेगा.
SBI का बयान, व्यवस्था के बावजूद असर संभव
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया समेत कई सार्वजनिक बैंकों ने हड़ताल के संभावित असर को लेकर स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया हैं. एसबीआई ने कहा है कि हड़ताल के दिन सामान्य कामकाज सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है, लेकिन इसके बावजूद सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित हो सकती हैं.
यूनियनों की क्या है प्रमुख मांग?
बैंक यूनियनें सभी शनिवार को अवकाश घोषित करने की मांग कर रही हैं. उनका कहना है कि मार्च 2024 में हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते में इस पर सहमति बन चुकी हैं. अभी मौजूदा व्यवस्था में बैंक हर महीने पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को खुले रहते हैं.
ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन के महासचिव सीएच वेंकटाचलम ने कहा कि बातचीत के बावजूद कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला, इसलिए हड़ताल जरूरी हो गई. वहीं, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन के महासचिव रूपम रॉय ने कहा कि पांच दिवसीय कार्य प्रणाली से काम के घंटे कम नहीं होंगे, क्योंकि कर्मचारी सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना अतिरिक्त समय देने को तैयार हैं. नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉइज के महासचिव एल. चंद्रशेखर ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन ग्राहकों के खिलाफ नहीं, बल्कि एक टिकाऊ और मानवीय बैंकिंग व्यवस्था के लिए हैं. आज बैंक शाखा जाने से बचें और जरूरी कामों के लिए डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल करें. नकदी की जरूरत हो तो एटीएम की उपलब्धता पहले जांच लेना बेहतर रहेगा.
यह भी पढ़े: Jharkhand Weather: झारखंड में मौसम का बदला मिजाज, सर्दी को कहा अलविदा.. गर्मी ने बढ़ाए कदम