न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क: बिहार का सुपौल जिला जल्द ही देश के नक्शे पर विमानन प्रशिक्षण (Aviation Training) के एक बड़े केंद्र के रूप में उभरने वाला है। बिहार सरकार और भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय (ACI) के बीच हुए ऐतिहासिक समझौते के बाद वीरपुर हवाई अड्डे को विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बिहार को पायलट ट्रेनिंग और एयर स्पोर्ट्स के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है।
विशेषज्ञों की टीम ने वीरपुर में परखीं संभावनाएं
परियोजना की जमीनी हकीकत जानने के लिए 'एयरो क्लब ऑफ इंडिया' (ACI) की छह सदस्यीय उच्चस्तरीय टीम हाल ही में वीरपुर पहुंची। महासचिव अरविंद बडोनी के नेतृत्व में आए इन विशेषज्ञों ने हवाई अड्डे के रनवे और वहां उपलब्ध संसाधनों का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम का मानना है कि वीरपुर की भौगोलिक स्थिति और यहां का वातावरण विमानन प्रशिक्षण के लिए बेहद अनुकूल है।
जैसे कोटा है कोचिंग के लिए, वीरपुर होगा फ्लाइंग के लिए
एसीआई के महासचिव ने एक बड़ा विजन साझा करते हुए कहा कि वीरपुर को विमानन जगत का 'कोटा' बनाया जाएगा। जिस तरह देशभर के छात्र इंजीनियरिंग और मेडिकल के लिए राजस्थान के कोटा जाते हैं, वैसे ही भविष्य में पायलट बनने का सपना देखने वाले युवा बिहार का रुख करेंगे। इससे न केवल राज्य की शैक्षणिक साख बढ़ेगी, बल्कि बड़े निवेशकों के आने से स्थानीय स्तर पर आर्थिक बदलाव भी आएगा।
स्काईडाइविंग और पैराग्लाइडिंग का मिलेगा लुत्फ
यह प्रोजेक्ट सिर्फ पायलट बनाने तक सीमित नहीं रहेगा। वीरपुर में एडवेंचर स्पोर्ट्स का भी बड़ा केंद्र विकसित किया जाएगा। यहाँ स्काईडाइविंग, पैराग्लाइडिंग, पैरासेलिंग, ग्लाइडिंग और हॉट एयर बैलूनिंग जैसी रोमांचक गतिविधियों की शुरुआत होगी। इससे पर्यटन क्षेत्र को नई जान मिलेगी और साहसिक खेलों के शौकीन देशभर से यहाँ पहुँचेंगे।
नेपाल सीमा पर बढ़ेंगे रोजगार और पर्यटन के अवसर
वीरपुर एयरपोर्ट का विकास इंडो-नेपाल बॉर्डर के पास होने के कारण रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। नेपाल के विराटनगर आने वाले अंतरराष्ट्रीय पर्यटक अब सीधे वीरपुर से जुड़ सकेंगे। इस योजना के धरातल पर उतरते ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे और सीमावर्ती इलाका एक आधुनिक व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित होगा।