न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - बिहार में आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को ‘सहयोग पोर्टल’ और टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1100 का लोकार्पण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने साफ संकेत दिया कि अब जनता के आवेदन को लटकाने वाले अधिकारियों पर सीधे कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि सहयोग शिविर में आए आवेदनों का 30 दिनों के भीतर निष्पादन अनिवार्य होगा, अन्यथा 31वें दिन संबंधित पदाधिकारी स्वतः निलंबित माने जाएंगे। इसके लिए मुख्यमंत्री कार्यालय स्तर पर विशेष फॉर्मेट और मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार कर लिया गया है।
हाईलाइट्स -
- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सहयोग पोर्टल और हेल्पलाइन 1100 लॉन्च किया।
- 30 दिनों में आवेदन का निष्पादन नहीं होने पर अधिकारी स्वतः निलंबित होंगे।
- सीएम ऑफिस से रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए विशेष डैशबोर्ड तैयार।
- डीएम-एसपी को औचक निरीक्षण और सहयोग शिविरों में जाने का निर्देश।
- पंचायत स्तर पर हर महीने दो बार सहयोग शिविर लगाए जाएंगे।
सीएम ऑफिस से होगी रियल टाइम मॉनिटरिंग
मुख्यमंत्री ने बताया कि सहयोग शिविर में आने वाले सभी आवेदनों की रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए सीएम ऑफिस में विशेष डैशबोर्ड बनाया गया है। पहले डीएम स्तर पर आवेदन नीचे भेज दिए जाते थे, लेकिन उनके निष्पादन की कोई तय समय सीमा नहीं होती थी। अब हर आवेदन की टाइमलाइन तय होगी और देरी होने पर सीधे जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि “जब तक आवेदन आना बंद नहीं होगा, तब तक सहयोग शिविर भी बंद नहीं होगा।”
डीएम-एसपी और प्रभारी मंत्रियों को भी मैदान में उतरने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया कि वे कम से कम पांच सहयोग शिविरों का औचक निरीक्षण करें। इसके लिए रोस्टर बनाने को कहा गया है ताकि बिना पूर्व सूचना के शिविरों की वास्तविक स्थिति सामने आ सके। साथ ही उन्होंने कहा कि जल्द ही जिलों के प्रभारी मंत्रियों की नियुक्ति होगी और उनसे भी सहयोग शिविरों में जाकर व्यवस्था की निगरानी करने का आग्रह किया जाएगा।
पंचायत से थाने तक होगी निगरानी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत स्तर पर लोगों की समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से हर महीने के प्रथम और तृतीय मंगलवार को सहयोग शिविर लगाए जाएंगे। सहयोग पोर्टल और हेल्पलाइन 1100 के माध्यम से लोग अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अंचल कार्यालयों और थानों में कौन आ-जा रहा है, इसकी भी निगरानी होगी। आईटी विभाग वहां सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम कर रहा है ताकि यह पता चल सके कि कार्यालय वास्तव में कौन चला रहा है।
नीतीश कुमार के कार्यों का भी किया जिक्र
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने अपनी यात्राओं और पंचायत सरकार भवनों के माध्यम से पंचायत स्तर पर समस्याओं के समाधान की मजबूत व्यवस्था विकसित की थी। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, मंत्री श्रवण कुमार, डॉ. दिलीप जायसवाल, नीतीश मिश्रा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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