न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना। संजय सरावगी प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि बिहार भाजपा का 'सम्मान' संकल्प का मतलब ही है, प्रतिबंध से संगठन, निर्देश से संस्कार। संजय सरावगी ने कहा कि राजनीतिक शुचिता हमारे लिए केवल एक संकल्प नहीं, बल्कि हमारी कार्यसंस्कृति और संस्कार का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी परिकल्पना और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के कुशल एवं मार्गदर्शी नेतृत्व में भाजपा बिहार एक ऐसी सशक्त संगठनात्मक कार्यसंस्कृति की ओर निरंतर अग्रसर है। जहाँ अनुशासन, मर्यादा और संगठन की गरिमा सर्वोपरि मानी जाती है।
हाइलाइट्स -
- विकसित भारत की अटूट नीव रखने के लिए भाजपा का संकल्प
- बिहार बीजेपी का 2047 तक विकसित बिहार का संकल्प
- सार्वजनिक जीवन की स्वच्छता से ऊपर न कोई व्यक्ति न कोई पद : संजय सरावगी
बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और दरभंगा से भाजपा विधायक संजय सरावगी ने कहा कि, इसी सांगठनिक शुचिता और गरिमा को अक्षुण्ण रखने के संकल्प के साथ भाजपा खड़ी है। उन्होंने कहा कि वो प्रदेश के समस्त देवतुल्य कार्यकर्ताओं के सामने कार्यशैली के '6-SAMMAN' (सम्मान) सिद्धांत प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह 'घट-सिद्धांत' हमारी कार्यशैली का वह अनिवार्य अधिष्ठान हैं। जो अनुशासन और मर्यादा की अटल रेखा को परिभाषित करते हैं। ये केवल शब्द नहीं, बल्कि बीजेपी के सांगठनिक संस्कारों की वह कसौटी हैं, जिस पर सभी को खरा उतरना है।
सार्वजनिक जीवन की स्वच्छता से ऊपर न कोई व्यक्ति न कोई पद : संजय सरावगी
आइये जानते है क्या है संजय सरावगी के S.A.M.M.A.N. (सम्मान) के वो छह अटल स्तंभ-
- S - संगठन (Sangathan): हमारी जड़ें और हमारी सबसे बड़ी शक्ति।
- A - अनुशासन (Anushasan): भाजपा की असली पहचान, जिससे कोई समझौता नहीं।
- M- मर्यादा (मर्यादा): पद का आचरण नहीं, आचरण की शालीनता।
- M - महिला (Mahila): राष्ट्र निर्माण की धुरी, जिनका सम्मान हमारा संस्कार है।
- A - आचरण (Aacharan): हमारा व्यवहार ही हमारी राजनीति का असली चेहरा है।
- N - नेतृत्व (नेत्रितवा): उत्तरदेह, बन्धु और नेता बिहार भाजपा।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि साझा मूल्यों और संस्कारों से पिरोया हुआ एक 'संस्कारित परिवार' है। एक कार्यकर्ता और प्रदेश अध्यक्ष के नाते उनका यह अडिग विश्वास है कि संगठन की मर्यादा और सार्वजनिक जीवन की शुचिता से ऊपर न कोई व्यक्ति हो सकता है, न ही कोई पद। वे बिहार भाजपा के प्रत्येक देवतुल्य कार्यकर्ता का आह्वान करना चाहता हैं कि हम सभी उस विचार के अनुगामी हैं। जहाँ 'चरित्र निर्माण से राष्ट्र निर्माण' का मार्ग प्रशस्त होता है। जब हम में से प्रत्येक कार्यकर्ता अपनी कार्यशैली में इन '6-SAMMAN' (सम्मान) सिद्धांतों की मिसाल पेश करेगा, तभी 'विकसित बिहार 2047' का हमारा संकल्प सिद्ध होगा।
संजय सरावगी ने कहा कि जब हमारा व्यक्तिगत आचरण और संगठन की गरिमा एकाकार होंगे, तभी हम बिहार की पावन धरा पर 'विकसित भारत' की अटूट नींव रखने में सफल होंगे। आइए, अपनी कार्य-संस्कृति से संगठन की इस शुचिता को और प्रगाढ़ करें।
इसे भी पढ़ें - Patna Neet student death case: शंभू गर्ल्स हॉस्टल मालिक मनीष रंजन को मिली जमानत, जांच पर बढ़ा दबाव