न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क: बिहार की तपती गर्मी और लू के थपेड़ों से इंसानों के साथ-साथ अब चिड़ियाघर के बेजुबान भी परेशान हैं। पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान (Patna Zoo) ने अपने वन्यजीवों को इस भीषण गर्मी से राहत दिलाने के लिए 'वीआईपी' इंतजाम किए हैं। जानवरों के नाइट हाउस से लेकर उनके बाड़ों तक में तापमान को नियंत्रित करने के लिए आधुनिक उपकरणों का सहारा लिया जा रहा है।
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सांपों के लिए एसी और भालू के लिए वाटरफॉल
चिड़ियाघर में रेप्टाइल प्रजाति, खासकर कोबरा और अजगर जैसे सांपों के लिए खास तौर पर एसी (Air Conditioner) लगाए गए हैं। चूंकि सांप जमीन पर रेंगते हैं और फर्श गर्म हो सकता है, इसलिए वहां लगातार पानी का छिड़काव किया जा रहा है। इसके अलावा बाघ, शेर, तेंदुआ और भालू के बाड़ों में 17 बड़े कूलर और 53 पंखे लगाए गए हैं। भालू को गर्मी न लगे, इसके लिए उनके बाड़े में कृत्रिम झरने (Waterfall) चलाए जा रहे हैं, जहाँ वे घंटों नहाकर खुद को ठंडा रख रहे हैं।
स्पेशल डाइट में दही-भात, नारियल पानी और रसीले फल
गर्मी में जानवरों का हाजमा दुरुस्त रखने के लिए उनके खान-पान में बड़ा बदलाव किया गया है।
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चिम्पांजी: इन्हें हाइड्रेटेड रखने के लिए नारियल पानी, तरबूज, अनार का रस और दही-भात दिया जा रहा है।
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भालू: इनके भोजन में खीर, चपाती और मौसमी फल शामिल किए गए हैं।
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हाथी: हाथियों को गन्ने के साथ-साथ केले के थम्ब दिए जा रहे हैं और उनके बाड़े में वॉटर स्प्रिंकलर चलाए जा रहे हैं।
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पक्षियों का संसार: ऑस्ट्रिच और एमू जैसे पक्षियों के लिए मिस्ट फॉगर और फाउंटेन लगाए गए हैं, जो हवा में नमी बनाए रखते हैं।
24 घंटे निगरानी में ग्लूकोज और मल्टीविटामिन का डोज
पशु चिकित्सकों की टीम 24 घंटे जानवरों के स्वास्थ्य की मॉनिटरिंग कर रही है। लू से बचाने के लिए सभी जानवरों को पानी में ग्लूकोज, इलेक्ट्रॉल और होम्योपैथी की विशेष दवाइयां मिलाकर दी जा रही हैं। मांसाहारी जानवरों को अपच से बचाने के लिए उनके मांस की मात्रा थोड़ी कम कर दी गई है और हल्के भोजन पर जोर दिया जा रहा है।