राहुल कुमार/न्यूज11 भारत
शेरघाटी/डेस्क: आमस थाना क्षेत्र अंतर्गत मस्तूल पहाड़ी के पीछे जंगलनुमा इलाके में अवैध रूप से की जा रही अफीम की खेती का प्रशासन ने बड़ा खुलासा किया है. गुप्त सूचना के आधार पर शुक्रवार को फॉरेस्ट विभाग, अंचल प्रशासन, एसटीएफ, एंटी ओपियम टीम और आमस थाना पुलिस की संयुक्त छापेमारी में करीब 3.4 एकड़ भूमि में लगी अफीम की फसल को नष्ट किया गया.
कार्रवाई का नेतृत्व फॉरेस्टर एवं अंचल अमीन की मौजूदगी में किया गया. टीम जब पहाड़ी के पीछे दुर्गम क्षेत्र में पहुंची तो वहां बड़े पैमाने पर अफीम के पौधे लहलहाते पाए गए. खेतों को इस तरह छिपाकर तैयार किया गया था कि बाहर से किसी को भनक न लगे.
ड्रोन और पैदल गश्त से हुई पुष्टि
सूत्रों के अनुसार, पहले ड्रोन कैमरे एवं तकनीकी इनपुट के माध्यम से इलाके की निगरानी की गई. पुष्टि होने के बाद टीम ने पैदल पहाड़ी पार कर मौके पर पहुंचकर अफीम की खेती को चिन्हित किया. इसके बाद जेसीबी एवं श्रमिकों की मदद से पूरी फसल को उखाड़कर नष्ट कर दिया गया.
अंतरराज्यीय नेटवर्क की आशंका
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में अफीम की खेती किसी संगठित गिरोह के बिना संभव नहीं है. आशंका जताई जा रही है कि इसके पीछे अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्कर नेटवर्क सक्रिय है, जो जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों का लाभ उठाकर लंबे समय से अवैध खेती कर रहा था.
अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी की तैयारी
आमस थाना अध्यक्ष मनेश कुमार ने बताया कि भूमि की मापी कराई गई है और संबंधित खाता–खेसरा की जांच की जा रही है. इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. दोषियों की पहचान होते ही सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
पहाड़ी व जंगली इलाकों में बढ़ेगी निगरानी
फॉरेस्ट विभाग एवं जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में आमस, गुरुआ और बाराचट्टी क्षेत्र के पहाड़ी व जंगली इलाकों में विशेष सघन अभियान चलाया जाएगा. ड्रोन सर्वे, नियमित गश्ती और स्थानीय मुखबिर तंत्र को और मजबूत किया जाएगा.
प्रशासन का सख्त संदेश
अधिकारियों ने कहा कि मादक पदार्थों की खेती और तस्करी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. ऐसे अवैध धंधों में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई, संपत्ति जब्ती और जेल भेजने तक की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
इस बड़ी कार्रवाई से न केवल इलाके में अफीम कारोबारियों में हड़कंप मचा है, बल्कि यह अभियान नशे के खिलाफ प्रशासन की सख्त मंशा को भी दर्शाता है.
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