अमन/न्यूज11 भारत
नवादा/डेस्क: नवादा जिले में अपराध जांच को वैज्ञानिक और मजबूत बनाने की दिशा में पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान ने एक सराहनीय पहल की है. मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में विभिन्न थाना प्रभारियों को अपराध स्थल उपकरण किट क्राइम सीन किट वितरित की गई. इस किट का मुख्य उद्देश्य अपराध स्थल से फिंगरप्रिंट, डीएनए, बाल, रक्त के नमूने, फुटप्रिंट और अन्य भौतिक साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित एकत्र करना है, ताकि अपराधियों के विरुद्ध अदालत में ठोस एवं अकाट्य सबूत पेश किए जा सकें.
पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान ने थाना प्रभारियों को संबोधित करते हुए कहा कि अपराध जांच में फोरेंसिक साक्ष्यों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है. कई मामलों में सबूतों के गलत तरीके से संग्रहण या दूषित होने के कारण अपराधी बरी हो जाते हैं. इन किटों के उपयोग से थाना स्तर पर ही प्रारंभिक जांच वैज्ञानिक हो जाएगी, जिससे दोषसिद्धि दर में वृद्धि होगी और अपराधियों में पुलिस का भय बढ़ेगा.
यह पहल बिहार पुलिस के आधुनिकीकरण अभियान का हिस्सा है. नवादा जिले में एसपी अभिनव धीमान के नेतृत्व में पिछले कुछ महीनों में अपराध नियंत्रण के लिए कई कदम उठाए गए हैं, जैसे साइबर क्राइम पर विशेष अभियान, थानों में फेरबदल और रात्रि गश्ती. इन किटों के वितरण से जिले के सभी प्रमुख थानों में फोरेंसिक जांच की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी. थाना प्रभारी अब अपराध स्थल पर पहुंचते ही किट का उपयोग कर साक्ष्य सुरक्षित कर सकेंगे, जिससे जांच प्रक्रिया तेज और प्रभावी बनेगी.
जिले के पुलिस अधिकारियों ने इस पहल का स्वागत किया है. उनका कहना है कि इससे न केवल जांच की गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास भी मजबूत होगा. एसपी धीमान ने सभी थाना प्रभारियों को किट के उपयोग के लिए प्रशिक्षण आयोजित करने के भी निर्देश दिए हैं.यह कदम नवादा पुलिस की अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाता है. उम्मीद है कि इससे जिले में अपराध दर में कमी आएगी और न्याय प्रक्रिया मजबूत होगी.
यह भी पढ़ें: गीता के श्लोक सुरों में सिखाकर बच्चों को संस्कारवान बना रहीं गया की शिक्षिका शालिनी राजपूत