न्यूज11 भारत / पटना डेस्क: मुजफ्फरपुर जिले का पियर थाना इन दिनों एक के बाद एक विवादों के कारण लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। हाल ही में थाने में तैनात अपर थानेदार अभिनंदन कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें उन्हें कथित रूप से रिश्वत की रकम लेते हुए देखा जा सकता है। पुलिस मुख्यालय के तमाम दावों और भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के बीच, इस तरह के वीडियो का सामने आना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
बिचौलियों के माध्यम से खेल का खुलासा
वायरल वीडियो के संबंध में यह दावा किया जा रहा है कि पियर थाना क्षेत्र के नूनफारा गांव के एक व्यक्ति से अवैध वसूली की जा रही थी। यह लेन-देन पूरी तरह से बिचौलियों के जरिए अंजाम दिया जा रहा था ताकि पुलिसकर्मी सीधे तौर पर सामने न आएं। हालांकि, वहां मौजूद किसी जागरूक व्यक्ति ने इस पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया। जैसे ही यह क्लिप सोशल मीडिया पर आई, इलाके में चर्चा का बाजार गर्म हो गया और पुलिस की फजीहत शुरू हो गई।
एसएसपी ने लिया एक्शन
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कांतेश कुमार मिश्रा ने त्वरित कार्रवाई की है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की जांच का जिम्मा एसडीपीओ (पूर्वी-2) मनोज कुमार सिंह को सौंप दिया है। एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि प्राथमिक जांच में यदि पुलिसकर्मी दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस महकमा फिलहाल जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।
लगातार विवादों में पियर थाना
यह पहली बार नहीं है जब पियर थाना विवादों में रहा हो। हाल ही में इसी थाने के तत्कालीन थानेदार द्वारा एक सरपंच की बेरहमी से पिटाई करने का मामला सामने आया था, जिसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से आम जनता का पुलिस से भरोसा उठने लगा है। स्थानीय लोग दबी जुबान में इस थाने को अब 'दलालों का अड्डा' तक कहने लगे हैं। ताजा वीडियो ने विभाग के उच्च अधिकारियों के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है कि आखिर इस थाने की कार्यशैली को सुधारने के लिए वे क्या ठोस कदम उठाएंगे।