अविनाश श्रीवास्तव/न्यूज़11 भारत
बिहार/डेस्क: सासाराम रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कालका मेल से भारी मात्रा में जिंदा कछुओं की खेप बरामद की है. यह कार्रवाई आरपीएफ को मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसमें तस्करों द्वारा कछुओं को अवैध तरीके से एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाने की जानकारी मिली थी.
आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि कालका से हावड़ा जाने वाली कालका मेल ट्रेन के जनरल कोच में बड़ी संख्या में कछुओं की तस्करी की जा रही है. सूचना मिलते ही आरपीएफ की टीम को अलर्ट किया गया और सासाराम स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचते ही सघन जांच अभियान चलाया गया. जैसे ही कालका मेल सासाराम स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर पहुंची, आरपीएफ की टीम ने जनरल बोगी की तलाशी ली. तलाशी के दौरान सीट के नीचे छुपाकर रखे गए 11 बोरों पर शक हुआ. जब इन बोरों को प्लेटफॉर्म पर उतारकर खोला गया तो सभी के अंदर जिंदा कछुए पाए गए. जांच में कुल 311 जिंदा कछुओं की बरामदगी हुई.
आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने बताया कि कछुओं को बेहद अमानवीय तरीके से बोरों में ठूंस-ठूंस कर रखा गया था, जिससे उनकी जान को खतरा बना हुआ था. तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी गई. मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों ने सभी कछुओं को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की. वन विभाग की टीम द्वारा कछुओं की गिनती और प्राथमिक जांच के बाद उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया, जहां आगे की कार्रवाई और संरक्षण की प्रक्रिया की जाएगी. फिलहाल यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कछुए कहां से लाए गए थे और इन्हें कहां पहुंचाया जाना था. तस्करों की पहचान और गिरफ्तारी को लेकर जांच जारी है.
आरपीएफ और वन विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई से एक बार फिर वन्यजीव तस्करी के नेटवर्क का खुलासा हुआ है. रेलवे के माध्यम से हो रही इस तरह की अवैध तस्करी पर रोक लगाने के लिए सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्कता बरत रही है. आरपीएफ ने यात्रियों से भी अपील की है कि अगर उन्हें इस तरह की किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत रेलवे सुरक्षा बल या प्रशासन को सूचित करें.
यह भी पढ़े: मौनी अमावस्या को लेकर सासाराम स्टेशन पर उमड़ी यात्रियों की भीड़, आरपीएफ सतर्क