न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क: बिहार के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में एक बार फिर सुरक्षा बलों ने मुस्तैदी दिखाते हुए बड़ी आतंकी या हिंसक साजिश को समय रहते कुचल दिया है। सशस्त्र सीमा बल (SSB) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने लखीसराय जिले के पीरी बाजार और कजरा की दुर्गम पहाड़ियों में चलाए गए एक हाई-टेक सर्च ऑपरेशन के दौरान भारी मात्रा में गोला-बारूद और हथियार बरामद करने में सफलता हासिल की है।
ड्रोन और स्निफर डॉग्स की मदद से 'डी-माइनिंग' ऑपरेशन
सुरक्षा बलों को गुप्त सूचना मिली थी कि कजरा के घने जंगलों में स्थित हददिया और चोरमारा पहाड़ी के बीच किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के मकसद से घातक हथियारों का भंडारण किया गया है। सूचना मिलते ही SSB की 16वीं वाहिनी के कमांडेंट अनिल कुमार पठानिया के नेतृत्व में एक विशेष दस्ता तैयार किया गया। बुधवार की दोपहर सुरक्षा बलों ने आधुनिक डीप सर्च मेटल डिटेक्टर, ड्रोन कैमरों और स्निफर डॉग्स के साथ जंगलों में मोर्चा संभाल लिया।
गुप्त ठिकानों से निकला बारूद का जखीरा
करीब चार घंटे तक चले इस सघन तलाशी अभियान के बाद पत्थरों और झाड़ियों के बीच छिपाए गए एक गुप्त ठिकाने का पर्दाफाश हुआ। सुरक्षा बलों ने मौके से एक देसी मस्कट गन, 8 mm और .380 mm के कई जिंदा कारतूस और खोखे बरामद किए। आधुनिक उपकरणों की मदद से जमीन के नीचे और पत्थरों के पीछे छिपे इन हथियारों को खोज निकालना सुरक्षा बलों की बड़ी तकनीकी जीत मानी जा रही है।
बैकफुट पर नक्सली नेटवर्क, मास्टरमाइंड की तलाश तेज
इस बरामदगी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने आसपास के इलाकों में चौकसी बढ़ा दी है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि इन हथियारों को किस गिरोह या नक्सली संगठन ने डंप किया था और इनका इस्तेमाल किस घटना के लिए होना था। इस सफल ऑपरेशन ने न केवल नक्सली नेटवर्क के मनोबल को तोड़ा है, बल्कि संभावित खूनी खेल को भी विफल कर दिया है।