इन्द्रदेव/न्यूज11 भारत
सहरसा/डेस्क: सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखण्ड क्षेत्र के सत्तोर पंचायत अंतर्गत सीएलएफ में मुख्यमंत्री स्व-रोज़गार योजना के लिए जमा किए गए 126 जीविका दीदियों के आवेदन पिछले तीन महीनों से लंबित पड़े होने का मामला सामने आया है. नारायणपुर निवासी सुशीला कुमारी समेत सभी आवेदक महिलाओं ने आरोप लगाया है कि उन्होंने सभी आवश्यक दस्तावेज नियमों के अनुसार जमा किए, फिर भी अब तक किसी भी समूह को योजना में शामिल नहीं किया गया.
दीदियों का कहना है कि वे सभी पात्रता मानदंडों—निजी नौकरी न होना, जीएसटी पंजीकरण न होना—को पूरा करती हैं. इसके बावजूद आवेदन आगे नहीं बढ़ पाए. महिलाओं ने बताया कि पहले सीएलएफ कार्यालय में कागजात जमा करवाए गए, लेकिन बाद में उन्हें वापस कर बीओ कार्यालय में जमा करने को कहा गया. जब वे वहां पहुँचीं, तो दस्तावेज लेने से ही मना कर दिया गया, जिससे वे उपेक्षित और निराश महसूस कर रही हैं.
सुशीला कुमारी ने बताया कि उन्होंने पूर्व में भी इस संबंध में शिकायत की थी, कि प्रत्येक व्यक्ति पर एक हजार रु की मांग की गई थी नवहट्टा के डीपीएम के द्वारा लेकिन जांच उसी कर्मी को सौंप दी गई जिसके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी. इससे समस्या जस की तस बनी हुई है. उन्होंने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि पात्र जीविका दीदियों को योजना का लाभ जल्द मिल सके. महिलाओं ने चेतावनी दी है कि समाधान नहीं मिलने पर वे सामूहिक रूप से उच्च अधिकारियों से मिलकर न्याय की मांग करेंगी.
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