अविनाश श्रीवास्तव/न्यूज11 भारत
रोहतास/डेस्क: रोहतास जिले में जनता दल यूनाइटेड के सांगठनिक चुनाव के दौरान रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जदयू जिलाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर कार्यकर्ता आपस में हीं भिड़ गए. दरअसल शहर के तकिया स्थित पटेल धर्मशाला में चल रहे चुनावी कार्यक्रम के दौरान हंगामा इतना बढ़ गया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सदर एसडीएम डॉक्टर नेहा कुमारी को भारी पुलिस बल के साथ आना पड़ा और उन्होंने हंगामा कर रहे कार्यकर्ताओं को किसी तरह समझा बूझाकर शांत कराया. गौरतलब हो कि हंगामे के बाद जिला जदयू में आंतरिक गुटबाजी भी उजागर हो चुकी है और देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी का प्रदेश नेतृत्व अब जिलाध्यक्ष के चयन पर क्या निर्णय लेता है.
मनमानी और नामांकन पत्र नहीं देने का आरोप
जदयू जिलाध्यक्ष पद के हो रहे चुनावी प्रक्रिया के दौरान मौजूद कार्यकर्ताओं ने पूरे निर्वाचन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए. कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में मनमाना रवैया अपनाया जा रहा है और पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है. जो उम्मीदवार अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी पेश करना चाहते हैं, उन्हें जानबूझकर नॉमिनेशन फॉर्म नहीं दिया जा रहा है. कुछ लोग मनमाने ढंग से चुनाव संपन्न कराकर अपने पसंदीदा व्यक्ति को पद सौंपना चाहते हैं.
दो खेमों में बंटी पार्टी
इस दौरान कार्यकर्ताओं के एक गुट ने बिंदा चंद्रवंशी को निर्विरोध जिलाध्यक्ष घोषित कर नारेबाजी भी शुरू कर दी. जदयू नेता बिंदा चंद्रवंशी ने कहा कि निर्वाची पदाधिकारी संजीव पटेल की उपस्थिति में पूरी चुनावी प्रक्रिया का पालन करते हुए चुनाव संपन्न कराया गया है और निर्वाची पदाधिकारी द्वारा उन्हें सर्टिफिकेट भी दे दिया गया है. हालांकि दूसरे गुट ने निर्वाची पदाधिकारी पर पक्षपात पूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए इसका विरोध किया है, जिससे जिला जदयू दो खेमों में बंटी नजर आई.
सूचना पर पहुंचीं एसडीएम
वहीं चुनाव के दौरान हंगामे की सूचना मिलते हीं सदर एसडीएम डॉ नेहा कुमारी मौके पर पहुंची और आक्रोशित कार्यकर्ताओं को समझा-बुझाकर शांत कराया. एसडीएम ने कहा कि चुनाव के दौरान जदयू कार्यकर्ताओं के बीच आपसी सहमति नहीं बन पाई है, जिसको देखते हुए लोगों से कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हुए मामले को पार्टी के वरीय पदाधिकारी के समक्ष रखने की बात कही गई है.
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