न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क: बिहार की राजनीति इस समय अपने सबसे बड़े बदलाव के मुहाने पर खड़ी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और सीएम हाउस खाली करने के बाद अब राज्य के नए मुखिया को लेकर कयासों का बाजार गर्म है। इसी बीच, पटना की सड़कों पर मुख्यमंत्री आवास के बाहर लगे पोस्टरों ने सियासी हलचल को एक नया मोड़ दे दिया है। जेडीयू कार्यकर्ताओं ने अब नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार को बिहार की कमान सौंपने की खुली मांग शुरू कर दी है।
"न बुलडोजर, न दंगा... अब चाहिए निशांत" पोस्टर वार शुरू
सीएम हाउस के बाहर लगे पोस्टरों में सीधा संदेश दिया गया है। पोस्टर पर लिखा है ‘बिहार में ना तो बुलडोजर बवाल और ना ही फिर से दंगा-फसाद चाहिए। अब आपकी परछाई स्वरूप, युवा जनसेवक निशांत कुमार चाहिए।’ यह नारा न केवल निशांत कुमार की ब्रांडिंग कर रहा है, बल्कि विपक्ष और सहयोगियों को भी एक कड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश मानी जा रही है।
नीतीश कुमार का 7 सर्कुलर रोड शिफ्ट होना बड़े बदलाव का संकेत
शनिवार को एक ऐतिहासिक घटनाक्रम के तहत, नीतीश कुमार ने अपना आधिकारिक आवास '1 अन्ने मार्ग' खाली कर दिया। उनका सामान 7 सर्कुलर रोड स्थित नए ठिकाने पर शिफ्ट कर दिया गया है। 13 अप्रैल को नीतीश कुमार अपनी आखिरी कैबिनेट बैठक कर सकते हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि 14 अप्रैल को खरमास खत्म होते ही 15 अप्रैल को बिहार में नई सरकार का शपथ ग्रहण हो सकता है।
गृह विभाग और विधानसभा अध्यक्ष पर पेंच
सूत्रों के अनुसार, जेडीयू गृह विभाग की जिम्मेदारी अपने पास रखने के लिए दबाव बना रही है। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष और विधान परिषद के सभापति के पदों को भी दोनों प्रमुख दलों (BJP-JDU) के बीच बराबर बांटने की तैयारी है। निशांत कुमार के अलावा रेस में सम्राट चौधरी और श्रेयसी सिंह जैसे नाम भी शामिल हैं, लेकिन कार्यकर्ताओं की पहली पसंद अब 'नीतीश की परछाई' यानी निशांत ही नजर आ रहे हैं।