अविनाश श्रीवास्तव/न्यूज़11 भारत
बिहार/डेस्क: रोहतास जिले के सदर अस्पताल सासाराम से एक बार फिर मानवता को शर्मशार करने वाली तस्वीर सामने आई है. दरअसल अस्पताल प्रबंधन की संवेदनहीनता के कारण सोमवार को ओपीडी में अपनी पत्नी के टूटे पैर का इलाज कराने आए एक मजबूर पति को व्हीलचेयर तक नसीब नहीं हुई. पति अपनी भारी-भरकम पत्नी को पीठ पर लादकर एक विभाग से दूसरे विभाग तक भटकता रहा और उसके चेहरे पर बेबसी साफ तौर से देखी गई. बड़ी बात है कि सदर अस्पताल से लगातार आ रही इन तस्वीरों से अस्पताल प्रबंधन की कार्यशाली पर सवाल उठ रहे है लेकिन बावजूद इसके व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं हो रहा है.
पहले दिन चिकित्सक गायब, दूसरे दिन व्हीलचेयर
धनकाढा़ गांव निवासी पीड़ित साहेब राम के अनुसार वे अपनी पत्नी के टूटे पैर का इलाज कराने के लिए एक दिन पूर्व भी अस्पताल आये थे, लेकिन चिकित्सकों की गैर मौजूदगी के कारण उन्हें घंटों इंतजार के बाद लौटना पड़ा. इसके बाद सोमवार को जब वे अपनी पत्नी का इलाज कराने आए, तो मांगने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन की ओर से उन्हें व्हीलचेयर तक उपलब्ध नहीं कराई गई. लाचार पति को पहले दिन चिकित्सकों की गैर मौजूदगी एवं दूसरे दिन व्हीलचेयर की अनुपलब्धता के कारण काफी परेशानी उठानी पड़ी.
व्हीलचेयर के अभाव में पत्नी को पीठ पर ढोया
पीड़ित साहेब राम ने बताया कि पिछले रविवार को उनकी पत्नी का पैर फ्रैक्चर हो गया था, जिसके बाद वे इलाज के लिए अस्पताल आए है. उन्होंने बताया की पत्नी चलने फिरने में पूरी तरह असमर्थ है. अस्पताल में व्हीलचेयर और स्ट्रेचर के लिए काफी प्रयास किया, लेकिन मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों ने ओपीडी में व्हीलचेयर नहीं होने की बात कही. उन्होंने कहा कि लाचारी में पत्नी को कभी एक्स-रे रूम तो कभी डॉक्टर के चैंबर तक ले जा रहे है.
व्यवस्थाओं में नहीं हो रहा सुधार
गौरतलब हो कि सदर अस्पताल में लापरवाही एवं संवेदनहीनता की यह पहली तस्वीर नहीं है, जब सरकारी दावों के विपरीत धरातल पर मरीजों को एक स्ट्रेचर या व्हीलचेयर तक नसीब नहीं हो पा रही है. इससे पहले भी इस तरह की तस्वीरें सामने आ चुकी हैं, लेकिन व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं हो रहा है. इतना हीं नहीं सदर अस्पताल में चिकित्सकों का देर से आना, दवाओं की कमी, दलालों का जमावड़ा एवं जांच के लिए बाहर जाने जैसी कई समस्याएं समय-समय पर देखने को मिलती रहती है.
यह भी पढ़े: नवादा में अवैध शराब पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 3 भट्टियां ध्वस्त, 3000 लीटर महुआ घोल नष्ट