न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क: बिहार के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी मुहिम छेड़ी है। 1 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक पूरे प्रदेश में 'विशेष नामांकन अभियान' चलाया जा रहा है। इस अभियान का एक मात्र संकल्प है "कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे।"
घर-घर जाकर बच्चों की तलाश, शत-प्रतिशत दाखिले का लक्ष्य
इस अभियान के तहत शिक्षा विभाग की टीमें, टोला सेवक और शिक्षक घर-घर जाकर सर्वे कर रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों की मदद से उन बच्चों की सूची तैयार की जा रही है जो अब तक स्कूल नहीं जा पाए हैं। सरकार का लक्ष्य कक्षा 1 में प्रवेश के योग्य हर बच्चे का पंजीकरण सुनिश्चित करना है।
Caption
अभिभावकों के लिए जरूरी सूचना
यदि आपके बच्चे की उम्र 6 वर्ष पूरी हो चुकी है या अगले 6 महीनों में वह 6 साल का होने वाला है, तो तुरंत अपने नजदीकी सरकारी विद्यालय में उसका नामांकन कराएं। आपका यह एक छोटा सा कदम आपके बच्चे के जीवन की दिशा बदल सकता है।
सरकारी स्कूलों में सुविधाओं की बौछार
बिहार सरकार केवल दाखिला ही नहीं करा रही, बल्कि बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च भी उठा रही है। नामांकित बच्चों को ये सभी लाभ मुफ्त मिलेंगे:
-
कक्षा 1 से आगे की पढ़ाई बिल्कुल मुफ्त।
-
मुफ्त पाठ्य-पुस्तकें और कॉपियां।
-
स्कूल ड्रेस और पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद।
-
विद्यालय आने-जाने के लिए साइकिल की सुविधा।
मिशन निपुण बिहार और ड्रॉपआउट पर लगाम
सरकार का जोर केवल नामांकन तक सीमित नहीं है। 'मिशन निपुण बिहार' के जरिए बच्चों को बुनियादी साक्षरता और गणित का ज्ञान देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बच्चे कक्षा 8 के बाद भी पढ़ाई न छोड़ें (ड्रॉपआउट न हों) और अपनी माध्यमिक शिक्षा पूरी करें।
जन-आंदोलन बनाने की अपील
यह अभियान तभी सफल होगा जब इसमें समाज की भागीदारी होगी। ग्राम सभा, पंचायत और विद्यालय शिक्षा समिति से अपील की गई है कि वे इसे एक जन-आंदोलन का रूप दें। शिक्षकों और टोला सेवकों को निर्देश दिया गया है कि वे हर वंचित बच्चे तक पहुँचें और उनके माता-पिता को प्रेरित करें।